जम्मू में सैन्य शिविरों को दहलाने की एक बड़ी साजिश का हुआ पर्दाफाश, एक और ओजीडब्ल्यू पकड़ा

कश्मीर की तरह जम्मू संभाग में भी आतंकवाद की जड़े मजबूत करने की साजिश रची जा रही है। पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आइएसआइ के दशारे पर जम्मू में सैन्य शिविरों को दहलाने की एक बड़ी साजिश का पर्दाफाश हुआ है। इस मामले में पहले पकड़े गए दो ओवरग्राउंड वर्करों (ओजीडब्ल्यू) के बाद अब एक और ओजीडब्ल्यू को हिरासत में लिया गया है। साजिश का पता लगाने के लिए उससे पूछताछ की जा रही है।

सूत्रों के मुताबिक आइएसआइ की तरफ से मजदूरों के वेश में स्थानीय युवकों को सैन्य शिविरों की रैकी और वीडियोग्राफी का जिम्मा सौंपा गया था, ताकि इन सैन्य शिविरों को दहलाने का सिलसिला फिर से शुरू किया जाए। स्लीपिंग सेल के रूप में रह रहे आइएसआई के ओवरग्राउंड वर्कर पिछले चार माह से जम्मू में मजदूरी कर सैन्य शिविरों की रैकी करने में शामिल थे। खुफिया एजेंसी आइएसआई इन ओवरग्राउंड वर्करों को फंङ्क्षडग किया करती थी। इसके आधार पर बुधवार को पकड़े गए ओजीडब्ल्यू मुश्ताक अहमद और नदीम अख्तर ने कैमरा भी लिया था।

मुश्ताक जो पेशे से ठेकेदार का काम करता है, की कोशिश रहती थी कि उसे सैन्य शिविरों का ठेका मिले और अंदर की गतिविधियों पर नजर डाली जाए। ठेकेदार मुश्ताक अहमद स्थानीय युवाओं को हिमाचल प्रदेश और जम्मू संभाग के डोडा और किश्तवाड़ जिलों से मजदूरी के लिए भर्ती करता था। सूत्रों के मुताबिक ओजीडब्लयू का हैंडलर पाकिस्तानी सेना का कमांडर शेर खान बताया है। कठुआ पुलिस द्वारा दो ओवरग्रांउड वर्करों को पूछताछ के लिए पकड़ने के बाद सुरक्षा एजेंसियों ने एक और ओवरग्राउंड वर्कर को पूछताछ के लिए पकड़ा है। उसकी पहचान अब्दुल करीम निवासी लोहाई बिलावर के रूप में हुई।

वीडियोग्राफी करने के आरोप में मुश्ताक-नदीम को किया गिरफ्तार

रतनूचक सैन्य शिविर में तैनात जवानों ने बुधवार को शिविर की वीडियोग्राफी करने के आरोप में मुश्ताक अहमद और नदीम अख्तर को गिरफ्तार किया था। सभी ओजीडब्ल्यू वर्करों से जम्मू के इंटेरोगेशन सेंटर मीरां साहिब में पूछताछ चल रही है। जम्मू और उसके आसपास के इलाकों में करीब 15 ओजीडब्ल्यू का ग्रुप हैं, जिन्हें जम्मू के संवेदनशील सैन्य शिविरों की रैकी कर उनकी वीडियोग्राफी करने का जिम्मा सौंपा गया था। पाकिस्तान की सेना इन वीडियोग्राफी के जरिए सैन्य शिविरों पर आत्मघाती हमला करवाने की फिराक में थी।

आतंकी परिवार से नाता रहा है नदीम अख्तर का

जम्मू में गत दिवस सैन्य शिविर की वीडीओ बनाते पकड़ा गया ओजीडब्यू नदीम अख्तर कठुआ जिले के बिलावर उपमंडल के मल्हार गांव के उस परिवार से संबंध रखता है, जिनके कुछ सदस्य आज भी पाकिस्तान में हिजबुल मुजाहिदीन के लिए काम करते हैं। नदीम का चाचा पिछले ढाई दशक से पाकिस्तान में हिज्बुल मुजाहिदीन के कैंप में है। मल्हार गांव के सात युवक आज भी पाकिस्तान में हैं, जो 90 के दशक के बाद आतंकी संगठन हिजबुल मुजाहिदीन में शामिल होने के लिए पाकिस्तान गए थे।

Back to top button