हुआवेई पर अमेरिका और चीन में रार, इसे सरकारी कंपनी बताने पर भड़का चीन

प्रतिबंधों का सामना कर रही दूरसंचार उपकरण कंपनी हुआवेई को सरकार और सैन्य अधिकारियों की कंपनी बताने पर चीन अमेरिका पर भड़का है। उसने कहा कि अमेरिका इस तरह की अफवाह फैलाना बंद करे।

अमेरिकी विदेश मंत्री माइक पोंपियो ने गुरुवार को कहा था कि दुनिया की सबसे बड़ी दूरसंचार निर्माता हुआवेई के सीईओ कंपनी के असली मालिकों को लेकर झूठ बोलते हैं। जबकि इसके चीन की सरकार, सेना और खुफिया एजेंसियों के अधिकारियों से रिश्ते हैं। पोंपियो का कहना है कि ज्यादा से ज्यादा कंपनियां हुआवेई से रिश्ते तोड़ लेंगी।
इन्हीं आशंकाओं को लेकर अमेरिका ने पिछले हफ्ते हुआवेई पर अमेरिकी कंपनियों के साथ कारोबार करने पर प्रतिबंध लगा दिया था। इससे दोनों देशों के बीच व्यापार युद्ध और गहरा गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पहले ही चीन के 200 अरब डॉलर के उत्पादों पर आयात शुल्क दोगुना कर व्यापार वार्ता को तोड़ चुके हैं।
अफवाह न फैलाए अमेरिकी नेता
पोंपियो के बयान पर चीनी विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता लु कांग ने कहा कि कुछ अमेरिकी नेता लगातार अफवाह फैला रहे हैं, जबकि उनके पास इसके कोई सबूत नहीं हैं। अमेरिका दरअसल ज्यादातर सहयोगी देशों को 5जी नेटवर्क के लिए हुआवेई के उपकरणों का इस्तेमाल न करने के लिए मना रहा है, जो चिंता का कारण है। यह तकनीकी जंग छेड़ने और औद्योगिक सहयोग को खत्म करने जैसा है।
व्यापार वार्ता में हुआवेई को शामिल करने को तैयार : ट्रंप
ट्रंप ने कहा कि चीन के साथ व्यापार सौदे को लेकर चल रही बातचीत में हुआवेई को शामिल किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अमेरिका सुरक्षा के दृष्टिकोण से हुआवेई को लेकर सजग है। हुआवेई सालाना स्तर पर अमेरिकी बाजार से 11 अरब डॉलर के उपकरण खरीदती है।
* 25 % बिक्री गिरने की आशंका वैश्विक स्तर पर चीनी कंपनी की
* 26 फीसदी ऑनलाइन सर्च कम हुए हुआवेई फोन के दुनिया में





