आरकाॅम की दिवालिया प्रक्रिया शुरू, NCLT में 30 मई को होगी अगली सुनवाई

अनिल अंबानी  की टेलीकॉम कंपनी रिलायंस कम्यूनिकेशन (आरकॉम) के खिलाफ दिवालिया कार्रवाई औपचारिक रूप से शुरू हो गई। बता दें कि दिवालिया कार्रवाई के दौरान रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल ही कंपनी के कामकाज पर नजर रखता है। 

आरकॉम पर 50,000 करोड़ रुपये का कर्ज

अनिल अंबानी की आरकॉम पर 31 बैंकों का करीब 50,000 करोड़ रुपये का कर्ज है। आरकॉम ने सबसे अधिक कर्ज भारतीय स्टेट बैंक (SBI) से लिया है। रिलायंस ने रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल का चयन करने के लिए तीन मई को बैठक भी की थी। एनसीएलटी की मुंबई बेंच में अगली सुनवाई 30 मई को होगी।

दो साल पहले बंद हुआ था आरकॉम का ऑपरेशन 

कर्ज में डूबी आरकॉम का ऑपरेशन दो साल पहले ही बंद हो गया था। अनिल अंबानी चाहते थे कि वो स्पेक्ट्रम और दूसरे एसेट अपने भाई मुकेश अंबानी की रिलायंस जियो को बेचें। लेकिन ये डील रद्द हो गई थी। कर्ज देने वाले बैंकों ने नया रिजॉल्यूशन प्रोफेशनल नियुक्त करने के लिए दिवालिया कोर्ट एनसीएलटी में याचिका दायर की है। 
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एक समय बोलती थी रिलायंस की तूती

व्यापार जगत में एक दशक पहले तक अनिल अंबानी और रिलायंस की तूती बोलती थी। बड़े भाई मुकेश अंबानी से बटवांरे के बाद अनिल के खाते में आरकॉम आई थी। सीडीएमए तकनीक के भरोसे कंपनी ने अपनी मोबाइल सेवाओं को मात्र 500 रुपये में देना शुरू कर दिया था। हालांकि लोकप्रियता के चरम पर पहुंचने के बाद भी कंपनी की वित्तीय स्थिति डांवाडोल होती गई हैं। 

एनसीएलटी में दी थी अर्जी

विभिन्न कर्जदाताओं का बकाया लौटाने में असफल रही कंपनी ने एनसीएलटी में दिवालिया एवं ऋणशोधन अक्षमता कानून (आईबीसी) के तहत फास्ट ट्रैक रिज्योलूशन की गुहार लगाई है। कंपनी ने कहा कि उसके बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स ने कर्ज निपटान योजना की समीक्षा की है और उसने पाया है कि 18 महीने गुजर जाने के बाद भी संपत्तियों को बेचने की योजना सफल नहीं हो सकी है। ऐसे में उसके पास आईबीसी के तहत प्रक्रिया शुरू करने के अलावा कोई रास्ता नहीं है
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