जाने भगवान विष्णु ने लिए कौन-कौन से अवतार

वैशाख शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि को नृसिंह चतुर्दशी के रूप में मनाया जाता है। इस तिथि पर भक्त प्रह्राद ने भगवान विष्णु का नाम लेने पर हिरण्यकश्यपु का वध करने के लिए नृसिंह का अवतार लिया था। इस बार अग्रेंजी कैलेंडर के हिसाब से 17 मई को नृसिंह जयंती मनाई जाएगी।

 

भगवान विष्णु ने हिरण्यकश्यपु का वध करके अपने भक्त प्रह्रलाद के प्राणों की रक्षा की। भगवान विष्णु ने समय-समय पर कई अवतार लेकर देवलोक और पृथ्वी से असुरी ताकतो का अंत किया था। श्रीमद्भागवत गीता के अनुसार सतयुग से लेकर कलयुग तक भगवान विष्णु के 24 अवतार  हैं, इन 24 अवतारों में 10 अवतार मुख्य रूप से प्रसिद्ध है। नृसिंह जयंती के अवसर पर आइए जानते हैं भगवान विष्णु के सभी 10 अवतारों के बारे में

 

 

मत्स्य अवतार

भगवान विष्णु का पहला अवतार मत्स्य अवतार हैं। समस्त धरती जब पानी में डूब रही थी तब भगवान विष्णु ने मत्स्य अवतार अवतार लेकर पृथ्वी की रचना के लिए समुद्र तल से अपने गलफर में मिट्टी लेकर आए। भगवान ने इस अवतार में वेदों और मनु की रक्षा की।

कूर्म अवतार  

भगवान विष्णु ने दूसरा अवतार कूर्म या कछुए के रुप में लिया। इस अवतार में भगवान ने मंदराचल पर्वत को अपने पीठ पर सहारा दिया जिससे सागर मंथन का कार्य पूरा हो सका। यही कारण है कि गृह निर्माण के समय भूमि पूजन के अवसर पर भूमि में कछुए को रखा जाता है।

परशुराम अवतार
भगवान राम अवतार
भगवान विष्णु का सातवां अवतार राम रुप में माना जाता है। इस रुप में भगवान ने रावण का वध किया और पृथ्वी पर धर्म की स्थापना की। इस अवतार में भगवान ने मनुष्य को आदर्श रुप में जीवन जीने की प्रेरणा दी।

 

 

 

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