महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में नक्सलियों ने पुलिस वाहन पर किया IED हमला, 16 जवान शहीद

महाराष्ट्र के गढ़चिरौली में नक्सलियों ने बुधवार को पुलिस वाहन को निशाना बनाकर एक IED ब्लास्ट किया। इस हमले में 15 जवान और एक ड्राइवर शहीद हो गए हैं। महाराष्ट्र के आईजी ने इस खबर की पुष्टि की है। बताया जा रहा है कि जिस पुलिस वाहन को निशाना बनाया गया उसमें सी-60 फोर्स के 15 जवानों और एक ड्राइवर सहित कुल 16 सुरक्षाकर्मी सवार थे।
महाराष्ट्र के डीजीपी सुबोध जायसवाल ने कहा, ‘हम इस हमले का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए तैयार हैं। क्षेत्र में कार्रवाई जारी है ताकि इस तरह की घटना फिर न हो।‘ उन्होंने आगे कहा कि इसे इंटेलीजेंस की विफलता नहीं कहा जाएगा। यह नक्सलियों द्वारा किया गया कायरतापूर्ण हमला है। आगे ऐसी घटना न हो इसके लिए हम अपनी ओर से पूरी कोशिश करेंगे। मौके पर हमारे लोग मौजूद हैं आज शाम तक और अधिक जानकारी मिलेगी।
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने बताया कि नक्सलियों के इस कायरतापूर्ण हमले में सी-60 फोर्स के 16 जवान शहीद हो गए हैं। उन्होंने शहीदों के परिवारों के प्रति संवेदना जाहिर की और कहा, ‘मैं डीजीपी और गढ़चिरौली एसपी के संपर्क में हूं।’
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शहीद हुए जवानों के परिवार के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए कहा, ‘बहादुर जवानों को सलाम करता हूं। जवानों का बलिदान नहीं भूलेंगे।’
शुरुआती खबर में बताया गया था कि इस हमले में 10 जवान घायल हो गए हैं और वाहन बुरी तरह से छतिग्रस्त हो गया है। आइइडी ब्लास्ट के बाद पुलिस व नक्सलियों के बीच गोलीबारी की भी खबर थी। आइजी गढ़चिरौली रेंज शरद शेलार ने वारदात की पुष्टि करते हुए बताया कि महाराष्ट्र पुलिस के सी-60 कमांडो दो निजी बस में सवार होकर कोरसी की ओर जा रहे थे। कोरसी, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की सीमा से लगा इलाका है। इस दौरान विस्फोट हुआ और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना में निजी वाहन चालक समेत 16 जवानों के शहीद होने की सूचना है। जबकि 13 जवान घायल हुए हैं।
यहां गढ़चिरौली एरिया कमेटी के नक्सली सक्रिय हैं जो महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सीमा पर लगातार इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। तीन एरिया कमेटी का सेंटर एरिया है। बताया जा रहा है कि वारदात को अंजाम देने के लिए करीब 150 की संख्या में नक्सली वहां मौजूद थे। घटना में कई जवान घायल भी हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
इससे पहले नक्सलियों ने बुधवार सुबह गढ़चिरौली में ही बड़ा हमला किया था। उन्होंने कुरखेड़ा में सड़क निर्माण कार्य में लगीं 27 मशीनों को आग के हवाले कर दिया था।
नक्सली लगातार विकास कार्य में बाधा डालने की कोशिशों में लगे रहते हैं। नक्सली लगातार ऐसी घटनाओं को अंजाम देते रहते हैं, जो इलाके के विकास से जुड़ी हुई हों।
बता दें कि इससे पहले भी जनवरी में नक्सलियों ने कई वाहनों को यहां पर निशाना बनाया था। नक्सलियों ने गढ़चिरौली जिले के कुरखेड़ा, कोरची और पौटगांव में कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया था।
25 अप्रैल 2018 को सुरक्षाबलों ने गढ़चिरौली में ही 37 नक्सलियों को मौत के घाट उतार दिया था। माना जा रहा है कि ताजा हमला नक्सलियों की बदले की कार्रवाई भी हो सकती है।
शुरुआती खबर में बताया गया था कि इस हमले में 10 जवान घायल हो गए हैं और वाहन बुरी तरह से छतिग्रस्त हो गया है। आइइडी ब्लास्ट के बाद पुलिस व नक्सलियों के बीच गोलीबारी की भी खबर थी। आइजी गढ़चिरौली रेंज शरद शेलार ने वारदात की पुष्टि करते हुए बताया कि महाराष्ट्र पुलिस के सी-60 कमांडो दो निजी बस में सवार होकर कोरसी की ओर जा रहे थे। कोरसी, छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव जिले की सीमा से लगा इलाका है। इस दौरान विस्फोट हुआ और वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना में निजी वाहन चालक समेत 16 जवानों के शहीद होने की सूचना है। जबकि 13 जवान घायल हुए हैं।
यहां गढ़चिरौली एरिया कमेटी के नक्सली सक्रिय हैं जो महाराष्ट्र और छत्तीसगढ़ सीमा पर लगातार इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहे हैं। तीन एरिया कमेटी का सेंटर एरिया है। बताया जा रहा है कि वारदात को अंजाम देने के लिए करीब 150 की संख्या में नक्सली वहां मौजूद थे। घटना में कई जवान घायल भी हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए स्थानीय अस्पताल में दाखिल कराया गया है।
इससे पहले नक्सलियों ने बुधवार सुबह गढ़चिरौली में ही बड़ा हमला किया था। उन्होंने कुरखेड़ा में सड़क निर्माण कार्य में लगीं 27 मशीनों को आग के हवाले कर दिया था।
नक्सली लगातार विकास कार्य में बाधा डालने की कोशिशों में लगे रहते हैं। नक्सली लगातार ऐसी घटनाओं को अंजाम देते रहते हैं, जो इलाके के विकास से जुड़ी हुई हों।
बता दें कि इससे पहले भी जनवरी में नक्सलियों ने कई वाहनों को यहां पर निशाना बनाया था। नक्सलियों ने गढ़चिरौली जिले के कुरखेड़ा, कोरची और पौटगांव में कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया था।
25 अप्रैल 2018 को सुरक्षाबलों ने गढ़चिरौली में ही 37 नक्सलियों को मौत के घाट उतार दिया था। माना जा रहा है कि ताजा हमला नक्सलियों की बदले की कार्रवाई भी हो सकती है।





