हरियाणा हाई कोर्ट ने प्रमुख गुरमीत राम रहीम कह जमानत याचिका खारिज कर दी, हनीप्रीत पर सुनवाई आज

 पंजाब एवं हरियाणा हाई कोर्ट ने डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम कह जमानत याचिका खारिज कर दी है। गुरमीत राम रहीम ने अपनी एक मुंह बोली बेटी की शादी में शामिल होने के लिए जमानत की याचिका दी थी। गुरमीत दो साध्वियों से दुष्‍कर्म करने के मामले में राेहतक की सुनारिया जेल में सजा काट रहा है। दूसरी ओर, गुरमीत की गोद ली बेटी हनीप्रीत की जमानत अर्जी पर आज बाद में सुनवाई होगी।

गुरमीत राम रहीम ने हाई कोर्ट में अंतरिम जमानत के लिए य‍ाचिका दायर की थी कि डेरा में उसकी एक मुंहबोली बेटी की शादी है। वह इस शादी में शामिल होना चाहता है, इसलिए उसे जमानत दी जाए। इस पर हाई काेर्ट में बुधवार को सुनवाई हुई। मामले में एडवोकेट महेंद्र जोशी ने कहा कि डेरे में हार पहनाकर शादियां होती हैं। ऐसे में गुरमीत राम रहीम की इस शादी में शामिल होने की कोई विशेष जरूरत नहीं है।

सीबीआइ और हरियाणा सरकार ने भी डेरा प्रमुख को जमानत देने का विरोध किया। सीबीआइ और हरियाणा सरकार की ओर से कहा गया कि गुरमीत राम रहीम को जमानत मिलने से राज्‍य में कानून-व्‍यवस्‍था की स्थिति बिगड़ सकती है। डेरा प्रमुख ने सजा को निलंबित कर अंतरिम जमानत की मांग की थी। बहस के दौरान ही गुरमीत राम रहीेम के वकील ने याचिका वापस लेने की बात कही। इसके आधार पर हाई कोर्ट ने अर्जी खारिज कर दिया।

उधर, डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम की मुंह बोली बेटी व पंचकूला हिंसा में आरोपित हनीप्रीत ने भी जमानत  के लिए पंजाब और हरियाणा हाई कोर्ट में याचिका दायर कर रखी है। उसकी याचिका पर आज बाद में सुनवाई होगी। याचिका में हनीप्रीत ने इस हिंसा में कोई भूमिका नहीं होने की बात कहते हुए जमानत की मांग की है। इस याचिका पर हाई कोर्ट की रजिस्ट्री द्वारा प्रतिवादियों को 1 मई के नोटिस जारी किए गया था।

हनीप्रीत डेरा प्रमुख को 25 अगस्त 2017 को दोषी ठहराए जाने के बाद पंचकूला में भड़की हिंसा की साजिश रचने के आरोप में जेल में बंद है। हाई कोर्ट में दायर याचिका में हनीप्रीत ने कहा कि डेरा प्रमुख को सजा सुनाए जाने के समय वह पंचकूला अदालत के परिसर में मौजूद थी और उसके बाद डेरा प्रमुख के साथ ही रोहतक की सुनारिया जेल चली गई थी। इसी बीच पंचकूला में हिंसा भड़क गई थी, जिसमें कई लोग मारे गए थे। उसका इस हिंसा से कोई लेना देना नहीं है और उसका नाम भी एफआइआर में नहीं था। लेकिन, बाद में पुलिस ने उसका नाम जोड़ दिया।

हनीप्रीत ने कहा है कि उसने पुलिस के सामने आत्मसमर्पण किया था। हनीप्रीत ने कहा है कि इस हिंसा के लिए आरोपित बनाए गए लगभग 15 लोगों को जमानत मिल चुकी है। इसलिए उसे भी जमानत का लाभ दिया जाए। गौरतलब है कि इससे पहले हनीप्रीत ने जेल में मोबाइल फोन उपलब्ध करवाए जाने की मांग की थी जिस पर उसे अदालत की स्वीकृति भी मिल गई थी।

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