एयर स्ट्राइक के बाद सेना ने खाली कराया वाघा से सटे गांव

पाकिस्तान सीमा में की गई भारत की कार्रवाई के बाद वाघा स्थित आस-पास के गांवों को सेना ने खाली करवाना शुरू कर दिया है। सीमावर्ती गांव खालड़ा से आए किसान गुरबख्श सिंह ने बताया कि देर शाम उन्हें सेना ने गांव खाली करने के लिए कहा। अब वे अमृतसर में अपने रिश्तेदार के यहां ठहरे हैं। इसी तरह भीखीविंड निवासी जयमल सिंह ने कहा कि हम भी सीमावर्ती गांव के रहने वाले हैं।
सेना ने हमें देर शाम गांव खाली करने को कहा तो यहां चले आए। उन्होंने दावा किया कि सेना बॉर्डर से सटे गांवों को खाली करवा रही है। वहां स्थिति तनावपूर्ण है और लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।
इधर, हरियाणा के हिसार और सिरसा में भी अलर्ट जारी किया गया है। पाक स्थित आतंकी ठिकानों पर हमले के बाद हिसार में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई। जिला पुलिस को अलर्ट जारी कर दिया गया, जिसके बाद जिले की सभी सीमाओं को चाक-चौबंद कर दिया गया। खासतौर पर राजस्थान से सटी बालसमंद और सिवानी की सीमाओं पर चौकसी बढ़ा दी गई। इसके अलावा शहर में बस स्टैंड और रेलवे स्टेशन पर भी सुरक्षा बंदोबस्त कड़े किए गए हैं।
हमले के बाद जिला पुलिस द्वारा शहर के करीब 17 नाकों पर पुलिस कर्मियों को चौकस रहने के निर्देश दिए गए हैं। जिले में राजस्थान के साथ दो साइड से सीमा लगती है। बालसमंद-भादरा रोड पर और सिवानी में चुरू के साथ। इन दोनों स्थानों पर सीमा पर स्थापित पुलिस नाकों पर अतिरिक्त पुलिस कर्मी तैनात कर चौकसी बढ़ाई गई है।
आम नागरिक बनकर हिसार में रह चुके कई जासूस
हिसार में आम नागरिक बनकर जासूसी का काम करने वाले पहले कई बार पकड़े जा चुके हैं। मोहम्मद हैदर नाम का जासूस वर्ष 2003 में महावीर कॉलोनी के समीप वाल्मीकि बस्ती में ठिकाना बनाए हुआ था और वह कैंट से सेना की सूचनाएं पाकिस्तान भेजता था। अंबाला पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया था। इसके अलावा 2005-06 में अख्तर उल्लाह मुनीर उर्फ समीर कृष्णा नगर में करीब 13 महीने रहा।
वह हरियाणा के अलावा पंजाब के कैंट क्षेत्र से सेना की सूचनाएं पाकिस्तान भेजता था। जालंधर में 7 अप्रैल 2006 को दो जासूस ज्योति प्रसाद व बाबूलाल को गिरफ्तार किया गया था, जिनके तार हिसार से जुड़े थे। लुधियाना पुलिस ने भी अप्रैल 2006 में ही जासूस विजय को उस समय पकड़ा था, जब वह एक थाने में पुताई का काम कर रहा था। वह करीब एक माह हिसार की सब्जी मंडी इलाके में रहा था।
एयरफोर्स की कार्रवाई के बाद सिरसा में अलर्ट
हरियाणा के सिरसा में भी प्रशासन ने अलर्ट जारी कर दिया है। उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने 12 विभागों को पत्र जारी करते हुए आपातकालीन स्थिति से निपटने का निर्देश दिया है। सिरसा शहर देश की सुरक्षा की दृष्टि से सबसे अहम है क्योंकि भारतीय वायु सेना का सबसे अहम एयरबेस यहां स्थित है। सन 1965 व 1971 में पाकिस्तान से हुई जंग में पाकिस्तानी वायुसेना के विमानों ने सिरसा में बमबारी की थी। ऐसे में जिला प्रशासन ने तमाम अहम विभागों को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए हर समय तैयार रहने को कहा है।
जानकारी के अनुसार मंगलवार अलसुबह भारतीय वायु सेना के 12 विमानों ने पाकिस्तान सीमा में घुसकर कई आतंकी ठिकानों पर बमबारी करके उन्हें ध्वस्त कर दिया। सुबह उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने अपने कार्यालय पहुंचकर प्रशासनिक अधिकारियों के साथ बैठक की। इसके अलावा जिन अधिकारियों का हाल ही में तबादला हो गया था उन्हें रिलीव न करते हुए सप्ताह भर के लिए उन्हें सिरसा में तैनात रहने का निर्देश दिया गया।
गृह विभाग की ओर से सभी एयरबेस क्षेत्रों में तमाम आपातकालीन कदम उठाए जाने के निर्देश मिलने के बाद उपायुक्त प्रभजोत सिंह ने तमाम विभागों को पत्र जारी कर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने के निर्देश जारी कर दिए।
1971 में प्रशासन ने जमीन खुदवाकर बनाए थे बंकर
सन 1965 व 1971 की लड़ाई में पाकिस्तानी वायु सेना ने सिरसा एयरबेस को निशाना बनाकर बमबारी की थी। उस समय सिरसा के हरिपुरा व कुत्ताबढ़ क्षेत्र में बम गिरे थे। उस समय भी प्रशासन की तरफ से कुछ दिनों पहले ही कई अहम तैयारियां की गई थी। मजदूरों से रिहायसी क्षेत्रों में जमीन खोदकर बंकर बनाए गए।
उस समय जमीन खुदाई का काम कर चुके महेंद्र कुमार निवासी शक्ति नगर ने बताया कि 1971 के युद्ध में उसने चतरगढ़पट्टी क्षेत्र में जमीन खोदकर बंकर बनाने का काम किया था। इसका काफी फायदा हुआ। प्रशासन ने दिहाड़ी पर मजदूरों से जमीन खुदवाई थी।
कारगिल युद्ध में कई दिनों तक रहा था ब्लैक आउट
1999 के कारगिल युद्ध के समय में भी जिला प्रशासन ने कई दिनों तक रात को सिरसा में ब्लैक आउट करवाया था। प्रशासन की तरफ से शहर में मुनादी करवाकर लोगों से अपील की गई थी कि कोई नागरिक रात को खुले में धूम्रपान न करे और सभी अपने घरों की लाइट बंद रखें। खुले में चूल्हा न जलाने की एडवाइजरी भी प्रशासन की ओर से नागरिकों के लिए जारी की गई थी।
ये कहा गया है निर्देश में
पुलवामा हमले के बाद भारतीय वायु सेना ने जवाबी कार्रवाई की है। मौजूदा परिस्थितियों के मद्देनजर रखते हुए निर्देश दिए जाते हैं कि सभी अधिकारी अपने विभाग से संबंधित उपकरण चालू अवस्था में रखें व अपने अधीनस्थ अधिकारियों और कर्मचारियों को आवश्यकता पड़ने पर तुरंत कार्यवाही करने हेतु सुनिश्चित करें।
ये विभाग रहें हर वक्त तैयार
जिन अहम 12 विभागों को आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा गया है उसमें पुलिस विभाग, बिजली निगम, जन स्वास्थ्य विभाग, उपमंडलाधीश कार्यालय, स्वास्थ्य विभाग, पीडब्ल्यूडी, रोडवेज विभाग, दूर संचार विभाग, नगर परिषद, अग्निशमन विभाग, रेलवे विभाग व नेशनल हाईवे विभाग शामिल हैं।
उपायुक्त के निर्देश पर स्वास्थ्य विभाग ने अपनी तरफ से तैयारी शुरू कर दी है। दवाइयों का स्टाक पर्याप्त मात्रा में है। सारे स्टाफ को आपातकालीन स्थिति के दौरान तुरंत अपनी ड्यूटी पर जुटाने का निर्देश दिया गया है। एंबुलेंस चालक 24 घंटे ड्यूटी पर रहेंगे। एनएचएम कर्मियों ने भी आश्वासन दिया है कि आपातकालीन स्थिति में उनकी सेवाएं स्वास्थ्य विभाग को मिलेंगी।





