लोकसभा चुनाव में जीत की संभावना देख कांग्रेसियों में बेटों के लिए मांगे टिकट

विपक्षी दलों के बिखराव को देखते हुए आगामी लोकसभा चुनाव में अपनी जीत को लेकर उत्साहित पंजाब कांग्रेस के नेताओं में परिवार का मोह जाग गया है। पार्टी के सीनियर नेता जहां अपने लिए टिकट की मांग कर रहे हैं वहीं अपने बेटों और रिश्तेदारों के लिए भी टिकट की गुहार लगा रहे हैं। शनिवार को अमरगढ़ हलके से विधायक सुरजीत सिंह धीमान ने चंडीगढ़ में बाकायदा प्रेस कांफ्रेंस करके अपने बेटे के लिए टिकट का दावा किया।लोकसभा चुनाव में जीत की संभावना देख कांग्रेसियों में बेटों के लिए मांगे टिकट

इससे पहले प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री ब्रह्म मोहिंदरा अपने बेटे के लिए बठिंडा से और पूर्व मुख्यमंत्री राजिंदर कौर भट्ठल अपने दामाद के लिए आनंदपुर साहिब से टिकट की मांग कर चुकी हैं। उधर, खरड़ से विधायक जगमोहन सिंह कंग भी अपने बेटे के लिए आनंदपुर साहिब सीट से टिकट लेने की दौड़ में हैं। इनके अलावा बन मंत्री साधु सिंह धर्मसोत ने अपने बेटे के लिए फतेहगढ़ साहिब से, इंदरजीत सिंह जीरा ने अपने या अपने बेटे के लिए खंडूर साहिब से, गिल से विधायक कुलदीप वैद्य ने अपने बेटे के लिए फरीदकोट से, विधायक दर्शन सिंह बराड़ ने अपने बेटे के लिए टिकट की मांग की है।

शनिवार को प्रेस क्लब में सुरजीत सिंह धीमान ने प्रेस कांफ्रेंस कर इस बात पर जोर दिया कि पंजाब में कांग्रेस को टिकट वितरण के दौरान पिछड़ी जातियों के नुमाइंदों को तरजीह देनी चाहिए। रामगढ़िया समुदाय से जुड़े धीमान ने मांग की प्रदेश में लुधियाना और संगरूर सीटों पर पिछड़ी वर्ग को टिकट दिए जाने चाहिए। साथ ही उन्होंने संगरूर सीट से अपने बेटे जसविंदर सिंह धीमान का दावा पेश किया। उनका कहना था कि जसविंदर धीमान उनके साथ ही जनकल्याण में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि संगरूर सीट से पूर्व सीएम राजिंदर कौर भट्ठल ने टिकट के लिए आवेदन किया है,

सुरजीत धीमान ने कहा कि दावेदारी पेश करने का सबको हक है लेकिन पार्टी का मानना है कि युवाओं को आगे आने का मौका मिलना चाहिए। उन्होंने कहा कि पंजाब में पिछड़ी श्रेणियों का सबसे बड़ा वोट बैंक है और यह बात उन्होंने मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के ध्यान में भी लाई है ताकि यह विषय आलाकमान तक पहुंचे। उन्होंने कहा कि पंजाब में कैबिनेट विस्तार के समय और पिछले महीने जिला प्रधानों की सूची में ओबीसी वर्ग को निराशा हाथ लगी थी, क्योंकि इनमें पिछड़े वर्ग का कोई नुमाइंदा शामिल नहीं था।

मदन मोहन मूसा ने मांगा टिकट

कंडी विकास फोरम के कन्वीनर मदन मोहन सिंह मूसा ने शुक्रवार को पार्टी महासचिव व मुख्यमंत्री के ओएसडी कैप्टन संदीप संधू को आवेदन सौंपते हुए लोकसभा हलका होशियारपुर से टिकट की मांग की है। उनके साथ कांग्रेस भवन पहुंचे स्टेट विकास फोरम के प्रधान जेएस दीवान और कंडी विकास फोरम के प्रधान एसएस डोगरा ने दावा किया कि अगर कांग्रेस मदन मोहन सिंह मूसा को टिकट देती है तो वे भारी बहुमत से जीत दर्ज करेंगे।

जाखड़ को चुनौती, चीमा ने गुरदासपुर से मांगा टिकट
पंजाब हेल्थ सिस्टम कारपोरेशन के चेयरमैन अमरदीप सिंह चीमा ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी द्वारा युवाओं को तरजीह के नारे को आधार बनाते हुए शनिवार को गुरदासपुर लोकसभा सीट से टिकट के लिए आवेदन दाखिल कर दिया। खास बात यह है कि पंजाब की सभी 13 लोकसभा सीटों के लिए कांग्रेस भवन पहुंचे 160 से अधिक आवेदनों के बीच गुरदासपुर सीट से मौजूदा सांसद और पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुनील जाखड़ को चुनौती देता यह पहला आवेदन पार्टी मुख्यालय पहुंचा है। इससे यह बात भी सामने आ गई है कि शुक्रवार को कांग्रेस भवन में हुई चार हलको की बैठक के दौरान गुरदासपुर में बाहरी प्रत्याशी का जो मुद्दा उठा था, उसी के तहत गुरदासपुर सीट पर सुनील जाखड़ की दावेदारी को चुनौती दी गई है।

दरअसल, अब तक यही कहा गया था कि पंजाब में कांग्रेस के मौजूदा सांसदों के हलकों को छोड़ बाकी हलकों से आवेदन मांगे जाएंगे। लेकिन आलाकमान ने स्पष्ट कर दिया कि सभी सीटों से आवेदन लिए जाएंगे। शुक्रवार को हुई बैठक में गुरदासपुर के जिला प्रधान रोशन जोसफ, पठानकोट के प्रधान विजय बैंस के अलावा एमएम सिंह चीमा, फतेहजंग सिंह बाजवा, अमित विज और बरिंदरमीत सिंह पाहड़ा भी मौजूद थे। बैठक में इन लोगों ने जाखड़ की नुमाइंदगी पर सवाल खड़े किए थे।

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