जरुर देखने जाएं भारत के ये 5 प्राकृतिक अजूबे, फ्लोटिंग आईलैंड से लेकर डबल डेकर ब्रिज

वैसे तो हमने और आपने दुनिया के सात अजूबों के बारे में खूब पढ़ा और सुना है। पर क्या आपने कभी प्राकृति अजूबों के बारे में सुना है। ये प्राकृतिक अजूबे भारत के अलग-अलग राज्यों में मौजूद हैं। जो प्राकृतिक सुंदरता से लबरेज और मनमोहक हैं। ये सारे प्राकृतिक अजूबे वाकई में अपने आप में एक अजूबा हैं। कहीं फ्लोटिंग झील तो कहीं पेड़ के जड़ों की डबल डेकर रुट हैं। आइए जानते हैं कि भारत के किन हिस्सों में मौजूद हैं ये प्राकृतिक अजूबे। 

लिविंग रुट ब्रिज
चेरापूंजी में स्थित इस रूट ब्रिज को डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज भी कहा जाता है। दरअसल, ये ब्रिज यानी पुल फिकस इलास्टिक पेड़ से बना होता है। ये ब्रिज देखने में काफी खूबसूरत होते हैं और साथ ही मजबूत भी होते हैं।
चेरापूंजी में स्थित इस रूट ब्रिज को डबल डेकर लिविंग रूट ब्रिज भी कहा जाता है। दरअसल, ये ब्रिज यानी पुल फिकस इलास्टिक पेड़ से बना होता है। ये ब्रिज देखने में काफी खूबसूरत होते हैं और साथ ही मजबूत भी होते हैं।
मार्बल रॉक्स
मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित मार्बल रॉक्स नर्मदा नदी के किनारे स्थित हैं । तीन किलोमीटर तक के दायरे में फैले मार्बल के पहाड़ों को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां पर दिन के वक्त में आना काफी अच्छा रहता है। काफी अदिक संख्या में लोग इस जगह पर घूमने आते हैं।
मध्य प्रदेश के जबलपुर में स्थित मार्बल रॉक्स नर्मदा नदी के किनारे स्थित हैं । तीन किलोमीटर तक के दायरे में फैले मार्बल के पहाड़ों को देखने के लिए दूर-दूर से लोग आते हैं। यहां पर दिन के वक्त में आना काफी अच्छा रहता है। काफी अदिक संख्या में लोग इस जगह पर घूमने आते हैं।
लोकताक झील ( फ्लोटिंग झील )
लोकताक झील नॉर्थ ईस्ट के मणिपुर में स्थित है। जो कि अपनी सतह पर तैरते हुए वनस्पति और मिट्टी से बने द्वीपों के लिए फेमस है। इन द्वीपों को कुंदी भी कहा जाता है। झील पर सबसे बड़ा तैरता द्वीप केयबुल लामजाओ कहलाता है और चालीस वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस फुमदी को केयबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान के नाम से भरात सरकार ने संरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया है। लोकताक झील मणिपुर के लिए सास्कृतिक महत्व रखती है।
लोकताक झील नॉर्थ ईस्ट के मणिपुर में स्थित है। जो कि अपनी सतह पर तैरते हुए वनस्पति और मिट्टी से बने द्वीपों के लिए फेमस है। इन द्वीपों को कुंदी भी कहा जाता है। झील पर सबसे बड़ा तैरता द्वीप केयबुल लामजाओ कहलाता है और चालीस वर्ग किलोमीटर में फैला हुआ है। इस फुमदी को केयबुल लामजाओ राष्ट्रीय उद्यान के नाम से भरात सरकार ने संरक्षित क्षेत्र घोषित कर दिया है। लोकताक झील मणिपुर के लिए सास्कृतिक महत्व रखती है।
मजूली आईलैंड
यह जगह वनस्पति और जीव-जंतुओं के लिए काफी मशहूर है और यहां कई विलुप्तप्रायः प्रजाति भी पाई जाती है। यह विश्व का सबसे बड़ा रिवर आईलैंड है जोकि असम में ब्रह्मापुत्र नदीं किनारे स्थित है। मजूली को असम की सांस्कृतिक राजधानी भी कहा जा सकता है। मजूली असम की राजधानी गुवाहाटी से दो सौ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।
यह जगह वनस्पति और जीव-जंतुओं के लिए काफी मशहूर है और यहां कई विलुप्तप्रायः प्रजाति भी पाई जाती है। यह विश्व का सबसे बड़ा रिवर आईलैंड है जोकि असम में ब्रह्मापुत्र नदीं किनारे स्थित है। मजूली को असम की सांस्कृतिक राजधानी भी कहा जा सकता है। मजूली असम की राजधानी गुवाहाटी से दो सौ किलोमीटर की दूरी पर स्थित है।





