नैक मूल्यांकन से अब नहीं भाग सकेंगे लखनऊ यूनिवर्सिटी के कॉलेज

लखनऊ। लखनऊ यूनिवर्सिटी व सम्बद्ध डिग्री कॉलेजों को अब नैक मूल्यांकन में हुए बदलावों के बारे में जानकारी खुद राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद नैक के ओर से दिया जाएगा। इसके लिए नैक अपने तीन विशेषज्ञों को लखनऊ यूनिवर्सिटी भेजेगा।
कार्यशाला में नैक मूल्यांकन और उसे होने वाले लाभ के बारे में जानकारी देगा
कार्यशाला में लखनऊ यूनिवर्सिटी व सम्बद्ध डिग्री कॉलेजों को नैक मूल्यांकन में हुए नए बदलावों के बारे में विस्तार से जानकारी देने के साथ ही कॉलेजों को ज्यादा से ज्यादा नैक कराने और उसे होने वाले लाभ के बारे में जानकारी देगा। यह कार्यशाला फरवरी के पहले सप्ताह में सात या आठ फरवरी को आयोजित होगा। यह जानकारी लखनऊ यूनिवर्सिटी के इंटर्नल क्वालिटी एशुअरॅन्स सेल आईक्यूएसी के डायरेक्टर प्रो. राजीव मनोहर ने दी।
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नए नियम के अनुसार 70 प्रतिशत मार्क्स ऑनलाइन मिलेगा
प्रो. राजीव मनोहर ने बताया कि नैक के नए नियम के अनुसार अब 70 प्रतिशत मार्क्स ऑनलाइन फीडिंग पर ही सभी संस्थाओं को मिलेगा। इसमें 30 नंबर कॉलेजों व संस्थाओं द्वारा ऑनलाइन भरे जाने वाले रिपोर्ट के अनुसार मिलेगा। इसके अलावा इस रिपोर्ट के साथ संस्थाओं को अपने यहां पर पंजीकृत छात्रों का नाम, मोबाइल नंबर, कोर्स का नाम और ईमेल आईडी देना होगा। इसके बाद नैक के ओर से बच्चों का फीड बैक लिया जाएगा।
इसके तहत नैक कॉलेज के कुल पंजीकृत छात्रों में से 30 प्रतिशत छात्रों का चयन करेगा। उनको एक फॉर्म भरने को देगा। जिसमें कॉलेज के द्वारा भरे गए रिपोर्ट के आधार पर सवाल पूछे गए होंगे। छात्र उन सवालों के जवाब ऑनलाइन देंगे। इस पूरी प्रक्रिया के लिए कॉलेजों को 30 प्रतिशत अंक मिलेगा। इसमें हर संस्थान से कम से 500 बच्चों या फिर दस प्रतिशत बच्चों का जवाब देना अनिवार्य हैं। इसके साथ ही दस प्रतिशत अंक कॉलेजों के द्वारा दिए गए जानकारी और उसके सापेक्ष प्रस्तुत किए गए सर्टिफिकेट पर आधारित होगा।





