लोकसभा चुनाव लिए रणनीति बनाने में जुटा संघ, सपा-बसपा और कांग्रेस को मात देने के लिए ‘भागवत मंत्र’

दस दिवसीय कानपुर प्रवास पर संघ प्रमुख मोहन भागवत के शिविर में सबसे ज्यादा हलचल लोकसभा चुनाव 2019 को लेकर है। उत्तर प्रदेश में आए दिन बदल रहे राजनीतिक माहौल को देखते हुए संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच गंभीर चिंतन चल रहा है। सपा-बसपा का गठबंधन और प्रियंका गांधी मुद्दे के बाद शिविर में हलचल तेज हो गई है।
उनका कहना था कि सेवा कार्यों के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा लोगों को जोड़ा जा सकता है। यह भी कहा कि देश और प्रदेश की वर्तमान परिस्थितियों से सामान्यजनों को अवगत कराने की भी आवश्यकता है जिससे वे सीधे मुख्य धारा से जुड़ सकें। काशी, अवध, गोरक्ष और कानपुर प्रांत से जुड़े पदाधिकारियों के बीच संघ प्रमुख की यह भी मंत्रणा हुई कि शहर और ग्रामीण क्षेत्रों में एक समान लोगों तक संघ की पहुंच बनाने की आवश्यकता है।
पनकी स्थित नारायणा इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नॉलॉजी के परिसर में चल रहे संघ प्रमुख के प्रवास के दूसरे दिन बुधवार को सह सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबोले और व्यवस्था प्रमुख अनिल ओक भी पहुंच गए। पता चला है कि 30 जनवरी को भाजपा राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी संघ प्रमुख से मिलेंगे। प्रवास के दूसरे दिन नियमित गतिविधियों के अलावा संघ प्रमुख ने प्रांत और विभाग स्तर के स्वयं सेवकों, पदाधिकारियों से कहा कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में सेवा कार्यों को गंभीरता से संचालित करें.
उन्होंने यह भी संकेत किया कि यूपी में इसकी सबसे ज्यादा आवश्यकता है। इस बीच पता चला है कि कानपुर में रैली करने आ रहे भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अमित शाह संघ प्रमुख से वर्तमान राजनीति परिदृश्य को लेकर यहां चर्चा कर सकते हैं।
आगामी लोकसभा चुनाव को कौन सी दिशा और रणनीति के तहत लड़ा जाए, इसे लेकर भी मंथन होगा। बुधवार को कांग्रेस की तरफ से यूपी में प्रियंका गांधी को प्रभारी के रूप में दी गई कमान से यहां क्या असर पड़ने वाला है, इसे लेकर भी वरिष्ठ पदाधिकारियों के बीच चर्चा हुई।





