कांग्रेस के साथ अच्छे रिश्ते, लेकिन वोट के गणित की वजह से गठबंधन में शामिल नहीं किया: अखिलेश

सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने समाजवादी पार्टी और बसपा के गठबंधन से कांग्रेस को दूर रखने की वजह के बारे में कहा कि बीजेपी को हराने के लिए वोटों के गणित के कारण ऐसा किया. कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी से संबंधों के बारे में हालांकि अखिलेश यादव ने कहा कि वह उनको बेहद सम्मान करते हैं.
चुनाव बाद कांग्रेस से गठबंधन की संभावनाओं से इनकार नहीं करते हुए अखिलेश यादव ने कहा कि उनके कांग्रेस से अच्छे संबंध हैं. इसके साथ ही जोड़ा कि यदि उनके राज्य यूपी से अगला प्रधानमंत्री चुनाव जाएगा तो उनको प्रसन्नता होगी. कांग्रेस से चुनाव बाद संबंधों की संभावनाओं पर बोलते हुए अखिलेश ने कहा, ”हम इसका जवाब अभी नहीं दे सकते. इसका जवाब चुनाव के बाद देंगे. लेकिन इतना कह सकते हैं कि देश नया प्रधानमंत्री चाहता है और चुनाव के बाद ऐसा होगा.”
बीजेपी के पास प्रधानमंत्री के लिए कोई दूसरा चेहरा हो तो वह बताए
इससे पहले सोमवार को अखिलेश यादव ने विपक्षी दलों के गठबंधन के नेता के बारे में सवाल पूछ रही भाजपा पर तंज करते हुए कहा कि देश की जनता अगले चुनाव के बाद नया प्रधानमंत्री चाहती है और भाजपा के पास अगर इस पद के लिये कोई दूसरा चेहरा हो तो बताए. उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह प्रधानमंत्री पद की दौड़ में नहीं हैं.
अखिलेश ने विपक्षी दलों के संभावित गठबंधन के नेता के बारे में भाजपा द्वारा प्रश्न उठाये जाने संबंधी सवाल पर कहा ‘‘भारत का इतिहास बताता है कि नेतृत्व तो जनता खुद ही तय कर लेती है.’’
उन्होंने कहा, ‘‘आने वाले समय में आप देखेंगे कि हमारे पास कितने विकल्प हैं… लेकिन एक बात तो बिल्कुल सच है, और जनता स्वीकार कर रही है. जब परिणाम आएगा तो आप भी स्वीकार करेंगे कि देश नये प्रधानमंत्री का इंतजार कर रहा है. अगर भाजपा के पास कोई नया प्रधानमंत्री हो तो बताएं.” सपा अध्यक्ष ने साफ किया कि वह प्रधानमंत्री पद की दौड़ में नहीं हैं.





