रात को सोने से पहले करे तेल का ये छोटा सा उपाय और पाएं मनचाहा फल!
धार्मिक शास्त्रों के अनुसार ज्येष्ठ महीने के कृष्ण पक्ष की एकादशी को अपरा एकादशी भी कहा जाता है और वही कुछ लोग इसे अचला एकादशी के नाम से भी जानते है. बता दे कि इस साल आज ही के दिन यह एकादशी होती है. ऐसे में आज के दिन व्रत रखने से बड़े से बड़े पाप से मुक्ति मिल जाती है. साथ ही इस व्रत को रखने से मनुष्य के कीर्ति, पुण्य और धन में वृद्धि होती है. गौरतलब है, कि यह एकादशी महापुण्य देने वाली मानी जाती है. इसके इलावा आज के दिन व्रत रखने से ब्रह्म हत्या, असत्य भाषण और झूठा वेद पढ़ने से लगा हुआ दोष भी नष्ट हो जाता है. साथ ही इससे भूत योनि से भी मुक्ति मिलती है.
बता दे कि अपरा एकादशी का व्रत करने से इंसान पापमुक्त होकर श्री विष्णु लोक में प्रतिष्ठित हो जाता है. इसके इलावा अपरा एकादशी के मात्र एक व्रत से माघ में सूर्य के मकर राशि में होने पर प्रयाग में स्नान का फल भी मिलता है. बता दे कि आज के दिन तेल का एक उपाय करने से ही आपकी हर समस्या दूर हो जायेगी. यूँ तो यहाँ कई प्रकार के तेल होते है, पर हर तेल के अपने अलग अलग गुण होते है. तो चलिए आज हम आपको बताते है, कि तेल का ऐसा कौन सा उपाय है, जिसे आज रात करने से आपको मनचाहा फल मिलेगा. इसमें सबसे पहले आपको पूजन करना है.
वैसे तेल का ये उपाय बताने से पहले आपके लिए ये जान लेना जरुरी है, कि तेल का पूजा में कितना महत्व है. जी हां तेल का इस्तेमाल न केवल खाना बनाने बल्कि दीपक जलाने के लिए भी किया जाता है. आपको बता दे कि तेल का दीपक लक्ष्मी माता को बहुत प्रिय होता है. इसके इलावा चमेली के तेल का दीपक हनुमान जी को प्रिय लगता है. इसके साथ ही आयुर्वेद में अरसी का तेल बहुत महत्वपूर्ण माना जाता है. ऐसे में हम जो तेल के टोटके बताने वाले है, उन्हें आज रात को ही आपको करना है. सबसे पहले आपको पूजन सामग्री और विष्णु भगवान् की मूर्ति लेनी है. ऐसे में अगर मूर्ति न हो तो कोई तस्वीर भी ले सकते है.
इसके इलावा यदि सत्य नारायण भगवान्, माता लक्ष्मी नारायण या राधा कृष्ण जी की तस्वीर हो तो वो भी ले सकते है. बता दे कि पूजन के लिए लाल या थोड़े से पीले वस्त्र, पुष्प की माला या फूल, एक नारियल और सुपारी रख ले. इसके साथ ही जिस फल का सीजन हो जैसे कि आम वो भी पूजा में रख सकते है. इसके साथ धूप, दीप, घी और पंचामृत भी रखना है. गौरतलब है, कि पंचामृत कच्चा दूध, दही, शहद, घी और शक़्कर सब चीजों को मिक्स करके बनाना है. इसके इलावा अक्षत यानि थोड़े से साबूत चावल, तुलसी के तल लेने है. वैसे आपको बता दे कि यदि तुलसी आपने पहले से ही तोड़ कर रखी है, तो ही उसका इस्तेमाल करे. जी हां आज आपको तुलसी नहीं तोड़नी है.
इसके साथ ही चन्दन और थोड़ी सी सफ़ेद रंग की मिठाई या घर पर खीर बना कर भी रख सकते है. बता दे कि आज के दिन आपको ब्रह्मचार्य का पालन करना है. इसके बाद आपको स्नान करके स्वच्छ वस्त्र पहन कर विधिपूर्वक पूजा करनी है और बाद में आपको एकादशी की कथा सुननी है. इसके इलावा पूजा खत्म होने और कथा सुनने के बाद प्रसाद सभी भाई बंधुओ में बाँट दे. फिर अगले दिन आपको सुबह उठ कर स्नान करके इसी प्रकार स्वच्छ कपडे पहन कर दोबारा विष्णु भगवान् की पूजा करनी है. इसके इलावा किसी ब्राह्मण या किसी और जरूरमंद व्यक्ति को एक रुपया दान देना है.





