परिवहन निगम में वेतन घोटाले में रिकवरी का आदेश जारी

परिवहन निगम में हुए करोड़ों रुपये के वेतन घोटाले में सौ से अधिक अधिकारियों और कर्मचारियों से रिकवरी का आदेश जारी कर दिया गया है। यह सभी अधिकारी और कर्मचारी शासनादेश के विपरीत पांच सालों एसीपी का लाभ ले रहे थे। महाप्रबंधक (प्रशासन) निधि यादव की ओर से आदेश जारी होने के बाद इन अधिकारियों और कर्मचारियों में हड़कंप मच गया है।परिवहन निगम में वेतन घोटाले में रिकवरी का आदेश जारी

बता दें कि परिवहन निगम में इस घोटाले का खुलासा अमर उजाला ने किया था। नियमों के विपरीत वर्ष 2013 से एसीपी की आड़ में इन अधिकारियों,  कर्मचारियों को करोड़ों रुपये का अतिरिक्त भुगतान कर दिया गया। यह खेल अधिकारियों की मिलीभगत से चलता रहा और किसी को इसकी भनक तक नहीं लगी। आखिरकार प्रकरण उजागर हुआ तो पहले चरण में 25 फोरमैन चिह्नित किए गए। महाप्रबंधक दीपक जैन ने इन्हें शासनादेश के अनुसार वेतन भुगतान करने का आदेश जारी किया था। बाद में विभागीय जांच में यह बात सामने आई कि शासनादेशों के विपरीत एसीपी का लाभ लेने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों की संख्या 100 से अधिक है।महाप्रबंधक (प्रशासन) निधि यादव की ओर से की गई जांच में भी तमाम खामियां सामने आईं। अब महाप्रबंधक (प्रशासन) ने वित्त नियंत्रक को इन अधिकारियाें, कर्मचारियों से रिकवरी का आदेश जारी किया है। इसके लिए हर महीने इनके वेतन से कटौती की जाएगी।

23 अधिकारियों का वेतन भी घटा
परिवहन निगम में शासनादेशों के विपरीत एसीपी का लाभ ले रहे 23 अधिकारियों को करारा झटका लगा है। निगम प्रबंधन ने रिकवरी के आदेश के साथ ही सहायक महाप्रबंधक स्तर के इन अधिकारियों के वेतनमान में संशोधन भी कर दिया है। इनका वेतनमान 6600 से घटकर 5400 रुपये हो गया है। इससे इन अधिकारियों का वेतन दस हजार रुपये तक कम हो जाएगा। दूसरी ओर परिवहन निगम महाप्रबंधक दीपक जैन का कहना है कि अधिकारियों, कर्मचारियोें को संशोधित शासनादेश के अनुसार ही एसीपी का लाभ देने के साथ ही वेतन का भुगतान किया जाएगा। अन्य कर्मचारियों के वेतन को लेकर जल्द आदेश जारी किया जाएगा।

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