धरना दे रहे शोधार्थी दीपक की तबियत बिगड़ी, अस्पताल में कराया भर्ती

गोरखपुर। अपने प्रोफेसरों पर जातीय उत्पीडऩ का आरोप लगाकर आत्महत्या का प्रयास करने वाले गोरखपुर विश्वविद्यालय के शोधार्थी दीपक कुमार की तबियत एक बार फिर बिगड़ गई है।

दीपक अपने साथियों के साथ पिछले 17 दिसंबर से विश्वविद्यालय परिसर में अनवरत धरना दे रहा था। उसकी मांग थी कि उसके प्रकरण में विश्वविद्यालय स्तर पर गठित जांच कमेटी की रिपोर्ट उसे दी जाए। हालांकि कुलपति ने विधिक परामर्श लेने की बात कहते हुए जांच रिपोर्ट देने से इन्कार कर दिया है।

धरने के छठवें दिन रविवार को दीपक धरना-स्थल पर था। ठंड के बीच लगातार धरना देने के चलते उसे ठंड लग गई। दिन में उसे दस्त की शिकायत भी हुई। अचानक रात में तबियत बिगड़ी, जिस पर उसके साथियों ने इसकी सूचना प्रशासन को दी। सिटी मजिस्ट्रेट पुलिस के साथ परिसर आए और उसे सदर अस्पताल ले कर गए। मुख्य नियंता प्रो. गोपाल प्रसाद ने बताया कि अस्पताल में प्राथमिक इलाज पाने के बाद दीपक की स्थिति में सुधार हो रहा है। 

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