सीएम योगी की बड़ी चेतावनी, 31 दिसंबर तक किसानों का बकाया नहीं दिया तो मिल मालिकों को होगी जेल

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने बकाए को लेकर मिल मालिकों को कड़ी चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि मिल मालिक 31 दिसंबर तक किसानों के बकाए का भुगतान कर दें, अन्यथा जेल जाने की तैयारी कर लें। इसके साथ ही योगी ने कहा कि किसान सरकार की पहली प्राथमिकता में हैं और उनके हितों के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं होगा।

किसान दिवस पर पूर्व प्रधानमंत्री चौधरी चरण सिंह की प्रतिमा का अनावरण करने गाजियाबाद पहुंचे योगी ने कहा, ‘सत्ता में आने के बाद से हमारी सरकार ने अब तक 44 हजार करोड़ रुपये का गन्ना भुगतान कराया है। अब सरकार ने तय किया है कि एक हजार करोड़ रुपये का भुगतान मिल मालिकों को आठ दिनों में करना होगा। राज्य सरकार ने एक ही झटके में 86 लाख किसानों का (औसत प्रति किसान 60 हजार रुपये) फसल ऋण माफ कर दिया।’

गांव पतला के जनता डिग्री कालेज मैदान में जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा, ‘एक दौर था जब भ्रष्टाचार चरम पर था और भर्ती प्रक्रिया पर रोक थी, लेकिन हमने पौने दो साल में 32 हजार युवाओं को नौकरी दी है।

पुलिस में 42 हजार पदों पर भर्ती प्रक्रिया जारी है और 50 हजार पदों पर जल्द शुरू होने जा रही है। यानी अगले छह महीने में सरकार 92 हजार युवाओं को रोजगार देगी। 69 हजार शिक्षकों की भर्ती प्रक्रिया भी जारी है। अगर कोई अफसर रुकावट बनने या भ्रष्टाचार करने का प्रयास करता है, तो उसे नौकरी करना हम सिखाएंगे। उसकी संपत्ति जब्त कर लेंगे।’

अपराध छोड़ दें, वरना अगला इंतजाम हम कर देंगे
सीएम ने मंच से अपराधियों को चेतावनी देते हुए कहा कि अपराधी अपराध या प्रदेश छोड़ दें। नहीं तो उन्हें वहां पहुंचाया जाएगा, जहां उनकी जगह है। महिला सुरक्षा को लेकर सीएम ने कहा कि शासन व प्रशासन सुरक्षा के मुद्दे पर गंभीर है।

दुष्प्रचार का जवाब है प्रदेश में पांच वैचारिक कुंभ
लखनऊ। सीएम ने कहा कि कुंभ से जुड़े दुष्प्रचारों को उजागर करने और भारतीय संस्कृति व लोक कल्याण की ताकत को बताने के लिए प्रदेश में पांच वैचारिक कुंभ के आयोजन हो रहे हैं। वाराणसी में पर्यावरण, वृंदावन में नारी सशक्तीकरण, अयोध्या में समरसता, लखनऊ में युवा कुंभ संपन्न हो रहे हैं। 30 जनवरी को प्रयागराज में पांचवां कुंभ होगा।

चौधरी साहब के नाम पर होती रही केवल राजनीति
किसान मसीहा चौधरी चरण सिंह की 116वीं जयंती पर सीएम योगी ने विपक्षी दलों पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बिना किसी राजनीतिक दल का नाम लिए कहा कि आजादी के बाद चौधरी साहब के नाम पर अनावश्यक तौर पर राजनीति की गई लेकिन किसी ने उनके विचारों को आत्मसात नहीं किया। हमारी पार्टी का हर कार्यकर्ता उनके विचारों को अपनाकर किसान हित के लिए निरंतर प्रयासरत है। उसी का नतीजा है कि केंद्र में सरकार बनी, तो मृदा हेल्थ कार्ड, फसल बीमा और कृषि सिंचाई पर काम शुरू किया गया।

किसानों ने फसल बीमा के तौर पर आठ हजार करोड़ रुपया जमा किया तो 23 हजार करोड़ रुपया का कंपनियों से भुगतान कराकर खुशहाली लाने का काम सरकार ने किया है। चौधरी साहब कहते थे कि देश की समृद्धि का रास्ता गांव व खेत खलिहान से होकर गुजरता है। उन्होंने देश के किसान के साथ जो रिश्ता जोड़़ा था, उसकी आज भी उतनी ही प्रासंगिकता है, लेकिन पुरानी सरकार के लोग सिर्फ उनके नाम पर राजनीति करते रहे।

दो वर्ष पहले किसानों को बिजली नहीं मिलती थी, आज जिला मुख्यालयों को 24, तहसील मुख्यालय को 20 और गांवों को 16 से 18 घंटे बिजली मिल रही है। डार्क जोन के नाम पर किसानों को तबाह किया जाता रहा। हमने सरकार में आते ही डार्क जोन को खत्म किया, जिससे किसान सिंचाईऱ् करने के लिए नलकूप लगा सकें। किसानों ने बहुत मेहनत की है। उसी का नतीजा है कि आज भारत दुनिया का पेट भर रहा है और प्रदेश कृषि उत्पादन में नंबर वन पर है।

प्रशासन कराए सुनिश्चित, निराश्रित पशु फसल को न पहुंचाएं नुकसान
सीएम ने कहा कि मंच पर आने से पहले किसान यूनियन के प्रतिनिधियों ने ज्ञापन दिया। उनकी पीड़ा थी कि निराश्रित पशु फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। सरकार की तरफ से प्रत्येक जिले को 10-10 करोड़ रुपये दिया गया है। उसमें एक-एक करोड़ रुपया अतिरिक्त देने की व्यवस्था सरकार ने की है। मनरेगा का इस्तेमाल भी इस काम किया जा सकता है। हमने तय किया है कि प्रत्येक जिले में कृषि विभाग व जिला प्रशासन यह सुनिश्चित कराए कि निराश्रित पशु किसानों की फसलों को नुकसान न पहुंचाएं।

व्यापारी-बेटी की सुरक्षा हो : योगी
योगी ने कहा कि प्रदेश में हरके को अपने धर्म के प्रति आस्था के हिसाब से पर्व मनाने का अधिकार है लेकिन यह सुनिश्चित कराने का दायित्व भी सरकार व प्रशासन का है कि व्यापारी, बेटी व नौजवानों की सुरक्षा को कोई खतरा न हो। इस सरकार में किसी को अपराध फैलाने की आजादी नहीं है।

पांच हजार करोड़ रुपये का निवेश
मुख्यमंत्री ने कहा कि भयमुक्त माहौल और बेहतर सुविधा मिलने के बाद निवेश का माहौल बना है। पांच लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव सरकार को प्राप्त हुए हैं। इनमें से एक लाख करोड़ रुपये का निवेश हो चुका है, जबकि एक लाख करोड़ का निवेश इस वर्ष होगा। इसमें प्रदेश में बायोफ्यूल व एथेनॉल से जुड़ी इंडस्ट्री शामिल हैं।

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