देखने हैं जंगल, झरने, नदी, पहाड़ तो नए साल में मध्यप्रदेश में बनाएं घूमने का प्लान

मध्य प्रदेश भारत के खूबसूरत राज्यों में से एक है। मध्य प्रदेश में जहां एक ओर प्राकृतिक खूबसूरती देखने लायक है, तो वहीं दूसरी ओर यहां के ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थल भी देखते ही बनते हैं। मप्र में पर्यटन के हिसाब से बहुत कुछ देखा जा सकता है। यहां कुछ ऐसे पर्यटन स्थल हैं जहां लोगों का आना-जाना हमेशा लगा रहता है। पहाड़ों से गिरते झरने हों या सतपुड़ा पर्वत की खूबसूरती या घने जंगल या फिर प्रसिद्ध स्मारक, यहां के टूरिस्ट स्पॉट आप देखते रह जाएंगे। आइए आपको बताते हैं मप्र के कुछ ऐसे खूबसूरत टूरिस्ट स्पॉट जिन्हें आपको एक बार जरूर देखना चाहिए।

रायसेन का किला
रायसेन के प्राकृतिक खूबसूरती को बढ़ाता है यहां का पुराना किला जो यहां के इतिहास का परिचय दिलाता है। रायसेन से किसी भी बस में बैठकर कर किले तक पहुंचा जा सकता है। किला घूमने का कोई पैसा या टिकट नहीं लगता है। यह किला बहुत पुराना है लेकिन आज भी इसकी खूबसूरती कायम है। इस किले को घूमने के लिए पूरे दो घंटे लगते है। बेहतर होगा साथ में कुछ खाने और पीने का पानी लेकर जाएं।
रायसेन के प्राकृतिक खूबसूरती को बढ़ाता है यहां का पुराना किला जो यहां के इतिहास का परिचय दिलाता है। रायसेन से किसी भी बस में बैठकर कर किले तक पहुंचा जा सकता है। किला घूमने का कोई पैसा या टिकट नहीं लगता है। यह किला बहुत पुराना है लेकिन आज भी इसकी खूबसूरती कायम है। इस किले को घूमने के लिए पूरे दो घंटे लगते है। बेहतर होगा साथ में कुछ खाने और पीने का पानी लेकर जाएं।
पचमढ़ी
-पचमढ़ी मप्र का एक मात्र हिल स्टेशन है। इसे क्विन ऑफ सतपुड़ा भी कहते हैं। पचमढ़ी के आसपास सुंदर पहाड़ियां हैं, जिसे लोग प्यार से यहां की रानी कहते है। यहां पांच पांडवों ने आज्ञातवास के समय ज्यादा समय बिताया था,जिसके बाद इसका नाम पचमढ़ी हो गया। पचमढ़ी का सुहावना मौसम देखने लायक होता है। यहां पूरे देश से लोग आते हैं। गर्मी और बारिश के समय यहां का मौसम पर्यटको के लिए जन्नत से कम नहीं होता। यह मध्यप्रदेश का सबसे ऊंचा पर्यटन स्थल है। गर्मी के मौसम में यहां पर ज्यादा संख्या में लोग घूमने आते हैं।
बांधवगढ़ नेशनल पार्क
बांधवगढ़ एक अभयारण्य है। यह एक नेशनल पार्क है। यह मध्य प्रदेश ही नहीं बल्कि देश का सबसे प्रसिद्ध राष्ट्रीय उद्यान है। यह 105 वर्ग किलोमीटर में फैला है। ऐसा माना जाता है बांधवगढ़ में प्राचीन काल में सफेद बाघ ज्यादा रहते थे। रीवा के राजा बांधवगढ़ में शिकार करने जाया करते थे। वहां उन्होंने एक किला भी बनवाया था। जहां शिकार करते वक्त देर रात होने के बाद उस किले में रुका करते थे। यह पार्क करीब 400 किमी तक फैला हुआ है। जिसमे जानवरों के अलावा इसमें कई तरह के पेड़ पौधे है।
कान्हा किसली
कान्हा किसली ही नहीं देश के बड़े नेशनल पार्क में से एक है। मध्य प्रदेश पार्क और जंगलों के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें से एक नाम कान्हा किसली का है। इस पार्क में लोग अलग-अलग तरह के जानवरों का दीदार करने आते हैं। यहां अतीत से जुडे़ कई ऐसी चीजें नजर आती है जिसके बारे में लोग सोचने पर मजबूर हो जाते है। यहां लोग देश- विदेश से घूमने आते हैं। जीवों को नजदीक से देखने के लिए आप सवारी का सफर तय कर सकते है। यह एक बाघ अभयारण्य है। यह तकरीबन 2051.74 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। यह एशिया के सबसे अच्छे उद्यान के रूप में गिना जाता है। यहां घास के मैदान, साल के पेड़ और बांस के जंगल देखने लायक हैं।
कान्हा किसली ही नहीं देश के बड़े नेशनल पार्क में से एक है। मध्य प्रदेश पार्क और जंगलों के लिए प्रसिद्ध है, जिसमें से एक नाम कान्हा किसली का है। इस पार्क में लोग अलग-अलग तरह के जानवरों का दीदार करने आते हैं। यहां अतीत से जुडे़ कई ऐसी चीजें नजर आती है जिसके बारे में लोग सोचने पर मजबूर हो जाते है। यहां लोग देश- विदेश से घूमने आते हैं। जीवों को नजदीक से देखने के लिए आप सवारी का सफर तय कर सकते है। यह एक बाघ अभयारण्य है। यह तकरीबन 2051.74 वर्ग किलोमीटर क्षेत्र में फैला हुआ है। यह एशिया के सबसे अच्छे उद्यान के रूप में गिना जाता है। यहां घास के मैदान, साल के पेड़ और बांस के जंगल देखने लायक हैं।





