UIDAI ने बैंकों को दिया बड़ा निर्देश, बंद न करें आधार बेस्ड भुगतान प्रणाली

यूआईडीएआई ने बैंकों से कहा है कि वह आधार आधारित भुगतान प्रणाली (एईपीएस) को जारी रखें क्योंकि उच्चतम न्यायालय के आदेश में इसका उपयोग न करने को लेकर कोई आदेश नहीं दिया गया है। न्यायलय ने अपने आदेश में कल्याण लाभ के अलावा अन्य उद्देश्यों के लिए खाता धारकों द्वारा भुगतान और रसीद के लिए आधार का स्वैच्छिक उपयोग करने से रोका है।UIDAI ने बैंकों को दिया बड़ा निर्देश, बंद न करें आधार बेस्ड भुगतान प्रणाली

यूआईडीएआई का यह स्पष्टीकरण उस समय आया जब यूआईडीएआई ने भारतीय स्टेट बैंक द्वारा भारतीय राष्ट्रीय भुगतान निगम को भेजे गये पत्र पर संज्ञान लिया। एसबीआई ने 19 नवंबर 2018 के पत्र में एनपीसीआई को ‘आधार’ आधारित भुगतान प्रणाली बंद करने की उसकी मंशा की जानकारी दी थी क्योंकि उसे लगता है कि इसे जारी रखना उच्चतम न्यायालय के हालिया फैसले का उल्लंघन है।

यूआईडीएआई ने साफतौर से कहा है कि एईपीएस को वापस लेना वितरण और लाभ में बाधा उत्पन्न हो सकती है और इससे योग्य मामलों में इनकार किया जा सकता है। प्राधिकारण ने कहा कि उच्चतम न्यायालय के आदेश का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना था कि सही व्यक्तियों तक लाभ पहुंच सके। यूआईडीएआई ने कहा कि आधार अधिनियम की धारा 7 अनुच्छेद 21 के अंतर्गत मानव गरिमा के अधिकार को सुरक्षित करती है।  

19 नवंबर, 2018 को लिखे अपने पत्र में एसबीआइ ने एनपीसीआइ को आधार आधारित भुगतान प्रणाली बंद करने की अपनी मंशा जाहिर की थी। एसबीआइ का कहना था कि आधार आधारित भुगतान प्रणाली को जारी रखने से उच्चतम न्यायालय के हाल में दिए फैसले का उल्लंघन होगा। यूआईडीएआई ने कहा कि इस मामले की गौर से जांच की गई है और न्यायालय ने आधार कार्यक्रम की संवैधानिकता को बरकरार रखा है, खासतौर से आधार अधिनियम की धारा 7 के तहत। 

Back to top button