अमर सिंह ने भाजपा का समर्थन करते हुए विपक्षी पार्टियों पर बोला हमला

राज्यसभा सांसद अमर सिंह ने बुधवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रशंसा के साथ-साथ सपा, बसपा और कांग्रेस पर जमकर हमला बोला। पहले वाराणसी के एयरपोर्ट पर तो उसके बाद जौनपुर में आयोजित एक समारोह में उन्होंने विपक्ष पर जमकर हमला बोला। कहा कि मैं भाजपा में भले ही नहीं हूं लेकिन मोदी के साथ हूं। मोदी का कारवां बढ़ता रहेगा। इसके साथ ही उन्होंने सपा और बसपा अध्यक्ष के साथ ही महागठबंधन पर तंज भी कसा। 
राज्यसभा सांसद ने कहा कि जो बाप का नहीं हुआ, वह जनता का क्या होगा। अखिलेश समाजवादी नहीं, नमाजवादी पार्टी के अध्यक्ष हैं। भारत माता को डायन कहने वाले उनके साथ हैं। वह जौनपुर के सर्वोदय विद्यापीठ इंटरमीडिएट कॉलेज मीरगंज में आयोजित एक कार्यक्रम में बोल रहे थे। अमर सिंह ने कहा कि पीएम नरेंद्र मोदी ने देश को विकास के रास्ते पर लाकर खड़ा कर दिया है। गरीबों को उज्ज्वला, आयुष्मान भारत और जनधन जैसी योजनाएं दी हैं।
कहा कि लोग मुझसे पूछते हैं कि भाजपा में कब जा रहे हैं। मैं कहता हूं कि जो देश को आगे बढ़ा रहा है, मैं उसके साथ हूं। कहा कि एससी-एसटी एक्ट मामले में दुष्प्रचार हुआ है। न्यायालय के आदेश में छेड़छाड़ नहीं होनी चाहिए थी। आप लोग मोदी का साथ मत छोड़िएगा, वरना बदले का डंडा लेकर बुआ और बबुआ खड़े हो जाएंगे। सांसद ने कहा कि श्रीराम मंदिर पर राजनीति नहीं होनी चाहिए। मोदी और योगी ही भव्य मंदिर बनवा सकते हैं।
उन्होंने पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश पर चुटकी लेते हुए कहा कि रामचंद्र कह गए सिया से एक दिन कलयुग आएगा, बेटा अखिलेश राज करेगा, बूढा बाप जंगल जाएगा। समाजवादी पार्टी तुष्टिकरण की राजनीति करती है, जो देश के लिए घातक है। वाराणसी एयरपोर्ट पर कहा कि विपक्षी दल महागठबंधन नहीं, महाठगबंधन बन रहे हैं। अमर ने कहा कि बबुआ बस अब अंगूठा चूसेंगे। कागज की कश्ती जिसका कागज़ गल गया हो, जिसका खाली कंकाल रह गया हो, उस सपा से कांग्रेस क्यों समझौता करेगी।
एयरपोर्ट पर पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने प्रधानमंत्री के बारे में कहा कि कुछ लोगों का चरित्र होता है कि वे छेड़ते नहीं लेकिन उनको जब कोई छेड़ता है तो वो उसे छोड़ते नहीं। उसका छोटा रूप खुद को और बड़ा रूप नरेंद्र मोदी को बताया। पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह को मौन रहने की नसीहत भी दे डाली। आजम खां को आड़े हाथ लेते हुए कहा कि भारत के संविधान की शपथ लेकर वह मंत्री तो बन गए थे लेकिन अपने देश पर टिप्पणी करने पर जनता ने उन्हें बाहर का रास्ता दिखा दिया।
अमर सिंह ने कहा कि राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ को हमने अपनी जमीन दान नहीं, समर्पित की है। आरोप लगाने वालों का वह जवाब देना उचित नहीं समझते। राम मंदिर मुद्दे पर कहा कि रामलला की मूर्ति तो अब भी वहीं है। पूजा भी हो रही है। विपक्ष को नहीं दिख रहा है।





