ये हैं टीम इंडिया के बड़े क्रिकेटर, जिन्होंने छोड़ी अपनी अमिट छाप…

भारत में क्रिकेट को खेल प्रेमी धर्म की तरह पूजते है। अन्य खेलों की अपेक्षा क्रिकेट में लोगों की खास दिलचस्पी होती है। इसके चाहने वालों की संख्या भी काफी ज्यादा है। भारत में कई ऐसे क्रिकेटर हैं, जिन्होंने न सिर्फ क्रिकेट को प्रभावित किया है बल्कि पूरे जेनरेशन को इसके प्रति प्रेरित किया है, जो क्रिकेट खेलते हैं।
सुनिल गावस्कर (1971-1987)
सुनील गावस्कर क्रिकेट के महान बल्लेबाजों में गिने जाते हैं। पूर्व भारतीय कप्तान सुनील गावस्कर ने खेल में आत्म विश्वास, धैर्य और दृढ़ संकल्प की भावना को प्रेरित किया। अपने जमाने के धाकड़ खिलाड़ी थे। लोग इनके दीवाने थे। गावस्कर पहले ऐसे भारतीय खिलाड़ी बने, जिन्होंने टेस्ट क्रिकेट में 10, 000 हजार रन बनाए। 1987 में उन्होंने क्रिकेट से संन्यास ले लिए। उनके नाम टेस्ट में 34 शतक भी शामिल है। उन्होंने टीम इंडिया के लिए 125 टेस्ट और 108 वन-डे खेले हैं।
कपिल देव (1978-1994)
कपिल देव ने भारत को जीतना सिखाया। कपिल देव की कप्तानी में भारत ने 1983 विश्व कप जीता था। वह भारतीय क्रिकेट के पहले फोक हीरो थे। भारतीय क्रिकेट में उनके योगदान को कभी नहीं भुला जा सकता है। वह कई लोगों के प्रेरणास्रोत बने और अभी भी हैं। उन्होंने टीम इंडिया के लिए 131 टेस्ट और 225 वन-डे मैच खेले हैं।
सचिन तेंदुलकर (1989-2013)
सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट प्रेमी ‘भगवान’ की तरह पूजते हैं। तेंदुलकर ने टीम इंडिया को क्रिकेट में एक नया आयाम दिया। मौजूदा भारतीय टीम में ऐसे कई खिलाड़ी हैं, जो सचिन को खेलते देख बड़े हुए हैं। भारतीय क्रिकेट में सचिन का अहम योगदान है। उन्हें यूं ही नहीं ‘क्रिकेट का भगवान’ कहा जाता है। भारतीय क्रिकेट हमेशा उनका आभारी रहेगा। उन्होंने टीम इंडिया के लिए 200 टेस्ट, 463 वन-डे खेले हैं।
एमएस धोनी (2004-अभी तक)
भारत को तीन-तीन खिताब दिलाने वाले ‘कैप्टन कूल’ महेंद्र सिंह धोनी को कौन भूल सकता। वर्ल्ड टी-20 (2007), चैंपियन ट्रॉफी (2013) और वर्ल्ड कप 2011 में टीम इंडिया को खिताब जिताने वाले पूर्व भारतीय कप्तान धोनी को भारत के सबसे सफलतम कप्तानों में गिना जाता है। धोनी ने टीम इंडिया के 90 टेस्ट, 332 वन-डे खेले हैं। धोनी टेस्ट से संन्यास ले चुके हैं, जबकि वन-डे अभी खेलते हैं।
विराट कोहली (2008-अभी तक)
टीम इंडिया के मौजूदा कप्तान विराट कोहली को आज के समय में सबसे महानतम खिलाड़ी के रूप में माना जाता है। खेल में उनकी आक्रमकता ही उनकी खास पहचान है। उनकी कप्तानी में भी टीम इंडिया काफी आगे तक गई है और एक अलग पहचान मिली है। विराट ने अभी तक 73 टेस्ट, 216 वन-डे मैच खेले हैं।





