भारत की हां के लिए अभी और पाकिस्तान को करना होगा इंतजार

पाकिस्तान में होने वाले सार्क सम्मेलन में शामिल होने से भारत के इनकार से साफ हो गया है कि करतारपुर कॉरिडोर निर्माण के बहाने दोनों देशों के रिश्ते पर जमी बर्फ अभी नहीं पिघलेगी। हालांकि ऐसा नहीं है कि आतंकी वारदात के बाद दोनों देश वार्ता की मेज पर नहीं बैठे हों, मगर इस बार कारण संसदीय चुनाव सिर पर होने और आतंकवाद पर भारत की चिंताओं पर पाकिस्तान की नई सरकार की चुप्पी है।
सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तान में नई सरकार आने के बाद संवाद का सिलसिला शुरू हो सकता था, लेकिन इमरान खान की सरकार ने भारत की चिंता दूर करने का ठोस संकेत तक नहीं दिया। रही-सही कसर अमृतसर में ग्रेनेड हमले ने पूरी कर दी। इस हमले के कारण पाक की नई सरकार का करतारपुर कॉरिडोर पर सकारात्मक रुख भी रिश्तों पर जमी बर्फ नहीं पिघला पाया।
मोदी सरकार की दिक्कत यह है कि उसने आतंकवाद जारी रहते वार्ता न करने की बात कही है। ऐसे में सरकार ठीक लोकसभा चुनाव से पहले संवाद का सिलसिला कैसे शुरू कर सकती है। करतारपुर कॉरिडोर के शिलान्यास कार्यक्रम में भी पाक पीएम इमरान खान ने भारत से रिश्ते सुधारने पर तो बल दिया, लेकिन उनके भाषण में आतंकवाद पर भारत की चिंताओं का रत्ती भर भी जिक्र नहीं था।





