एमओयू हस्ताक्षर करने वाले निवेशकों के साथ उद्योग मंत्री के साथ एक संवाद सत्र हुई बैठक

लखनऊ ब्यूरो। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त मंत्री सतीश महाना की अध्यक्षता में शुक्रवार को एमओयू हस्ताक्षर करने वाले निवेशकों के साथ एक संवाद सत्र आयोजित किया गया। अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त (आईआईडीसी), डॉ. अनूप चन्द्र पाण्डेय ने संबंधित विभागों के प्रमुख सचिवों व सचिवों सहित परियोजनाओं के शुभारम्भ (ग्राउंड ब्रेकिंग) समारोह से पहले परियोजनाओं से संबंधित मुद्दों को हल करने के लिए एक-एक निवेशक के साथ व्यापक वार्ता एवं चर्चा की गई। आज उन निवेशकों को आमंत्रित किया गया था जिनकी परियोजनाओं को शुभारम्भ समारोह में सम्मिलित किए जाने की सम्भावना है।
सतीश महाना ने कहा कि यू.पी. इन्वेस्टर्स समिट 2018 के प्रति निवेशकों की अभूतपूर्व और उत्साहजनक प्रतिक्रिया के बाद भारतीय एवं विदेशी निवेशकों और उद्योगों ने उत्तर प्रदेश में निवेश करने के लिए राज्य सरकार में जबरदस्त विश्वास व्यक्त किया है। पिछली सरकारों के विपरीत, जब एमओयू किए गए और भुला दिए गए, अब उद्यमियों को पूर्ण विश्वास है कि मुख्यमंत्री के सक्षम मार्गदर्शन के तहत हमारी सरकार औद्योगीकरण के विषय में गंभीर है तथा उत्तर प्रदेश को निवेश हेतु सबसे पसंदीदा राज्य बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।
चर्चा के दौरान अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास आयुक्त, डॉ अनूप चन्द्र पाण्डेय ने सभी संबंधित विभागों को एमओयू हस्ताक्षरकर्ता निवेशकों को अस्थायी (प्रोवीज़नल) लेटर आॅफ कम्फ़र्ट जारी करने के लिए निर्देश जारी किए, ताकि निवेशकों को उनको दी जाने वाली सम्भावित सुविधाओं के विषय में आश्वस्त किया जा सके, जिससे वे समय से अपनी परियोजनाओं का क्रियान्वयन कर सकें।
डॉ पाण्डेय ने बताया कि इन्वेस्टर्स समिट के बाद निवेशकों के साथ सतत संवाद एवं एमओयू की कार्यान्वयन की स्थिति के निरन्तर अनुश्रवण के कारण पहले चरण में लगभग 52000 करोड़ रुपये के निवेश वाली परियोजनाएं शुभारम्भ हेतु लगभग तैयार हैं। इस चरण में 80 से अधिक बड़ी परियोजनाएं राज्य स्तर पर शिलान्यास के लिए तैयार हैं, जिसके लिए औपचारिक ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह जल्द ही आयोजित किया जाएगा, साथ ही सूक्ष्म, लघु और मध्यम इकाइयों के ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह जिला स्तर पर आयोजित किए जाएंगे।
आईआईडीसी ने कहा कि यू.पी. इन्वेस्टर्स समिट 2018 के बाद यह पहला ग्राउंड ब्रेकिंग समारोह होगा और इसी तरह के समारोह हर दो महीने बाद आयोजित किए जाएंगे।
डाॅ अनूप चन्द्र पाण्डेय ने कहा कि राज्य सरकार इस विषय में अत्यन्त गम्भीर है तथा प्रदेश को एक पसंदीदा निवेश गंतव्य के रूप में स्थापित करने के लिए सभी स्तरों पर निरन्तर प्रयास किया जा रहा है।
एम.ओ.यू. करने वाले निवेशकों को प्रोविज़नल लेटर आॅफ कम्फर्ट जारी किया जाए
टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज, पीईटीएम, एसीसी सीमेंट, तेगना इलेक्ट्रॉनिक्स, मेट्रो कैश एंड कैरी, बर्गर पेंट्स, ग्रीनप्लाई इंडस्ट्रीज, पीटीसी इंडस्ट्रीज, कनोडिया ग्रुप, पसवाड़ा पेपर, डीसीएम श्रीराम, बीएल एग्रो इंडस्ट्रीज, गोल्डी मसाले, टिकौला शुगर मिल्स, यश पेपर्स, सीपी मिल्क एंड फूड प्रोडक्ट्स, सुखबीर एग्रो इंडस्ट्रीज, एचपीसीएल, गेल, एसएलएमजी बेवरेज इत्यादि 50 से अधिक कंपनियों के वरिष्ठ अधिकारियों ने संवाद में भाग लिया। इन कंपनियों ने विभिन्न क्षेत्रों में निवेश का प्रस्ताव दिया है, जैसे- सीमेंट, खाद्य प्रसंस्करण, कागज, वस्त्रोद्योग, आईटी, इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण, नवीकरणीय ऊर्जा, बिजली, डेयरी आदि।
50,000 करोड़ रुपये के निवेश वाली 80 से अधिक बड़ी परियोजनाएं शुभारम्भ हेतु तैयार
अन्य लोगों के अतिरिक्त, अपर मुख्य सचिव, योजना एवं आईटी संजीव सरन, प्रमुख सचिव, पर्यटन तथा सूचना अवनीश अवस्थी, प्रमुख सचिव, खादी एवं ग्रामोद्योग नवनीत सहगल, नोएडा व ग्रेटर नोएडा के सीईओ आलोक टंडन, एमएसएमई के सचिव भुवनेश कुमार, सचिव, अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास संतोष यादव एवं एम पी अग्रवाल इत्यादि ने इस बैठक में भाग लिया।





