मुझे प्रधानमंत्री बनने की महात्वाकांक्षा नहीं मै तो सिर्फ, उत्तर प्रदेश बेहतर बनाना चाहता हूँ: अखिलेश यदाव्

लखनऊ: समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने की उनकी कोई महत्वाकांक्षा नहीं है और इसके बजाय वह अपने राज्य उत्तर प्रदेश को बेहतर बनाने के लिए काम करना चाहेंगे।
उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री ने पत्रकार- लेखक प्रिया सहगल की एक पुस्तक के विमोचन कार्यक्रम में यह कहा, जिसमें भाजपा नेता राम माधव, नेकां के उमर अब्दुल्ला, कांग्रेस के सचिन पायलट और रालोद के जयंत चौधरी शामिल हुए थे।
नहीं है प्रधानमंत्री बनने की महात्वाकांक्षा
परिचर्चा का रूख महागठबंधन की ओर मुड़ने पर कार्यक्रम के संचालक वीर सांघवी (पत्रकार) ने पूछा कि जब सभी विपक्षी नेताओं की प्रधानमंत्री बनने की महात्वाकांक्षा है, ऐसे में कोई गठबंधन कैसे काम करेगा। इस पर, यादव ने जवाब दिया कि उनकी ऐसी कोई महत्वाकांक्षा नहीं है। इसके बाद सांघवी ने पूछा नहीं है ? यादव ने जवाब दिया कि नहीं है।
जब संचालक ने पूछा कि कभी नहीं, सपा नेता ने कहा कि कभी नहीं। सपा प्रमुख ने कहा कि इसके बजाय वह अपने राज्य की स्थिति को बेहतर बनाने के लिए काम करना चाहेंगे। उन्होंने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री रहने के दौरान अपने द्वारा किए गए कार्यों का उदाहरण दिया।
आगरा एक्सप्रेस-वे का किया जिक्र
वर्ष 2012 से 2017 तक उप्र के मुख्यमंत्री रहे यादव ने गोमती नदी और आगरा एक्सप्रेस-वे के लिए किए गए कार्यों का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे पर सुखोई, मिराज और हक्र्यूलस विमानों को उतारा गया जो इस बात का सबूत है कि वहां अच्छे काम किए गए। उन्होंने भाजपा नेता राव माधव की ओर शरारतपूर्ण मुस्कान के साथ देखते हुए कहा कि अब, आप अपना राफेल (लड़ाकू विमान) भी उतार सकते हैं।
प्रधानमंत्री बनने की महत्वाकांक्षा नहीं होने का यादव का बयान संभवत: बसपा प्रमुख मायावती की प्रधानमंत्री पद की महात्वाकांक्षा को शांत करने की कोशिश के तौर पर भी देखा जा रहा है। दरअसल, विपक्षी पार्टियां अगले साल होने वाले लोकसभा चुनाव से पहले केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा का मुकाबला करने के लिए महागठबंधन बनाने की कोशिश कर रही हैं।





