खैहरा व कंवर संधू का आप से जल्‍द निष्‍कासन संभव, गांधी व खालसा पर भी गिरेगी गाज

आम आदमी पार्टी के बागी विधायक सुखपाल सिंह खैहरा व कंवर संधू और  सांसद डॉ. धर्मवीर गांधी व हरिंदर सिंह खालसा की किसी समय भी पार्टी से छुट्टी हो सकती है। हाईकमान ने इन दोनों नेताओं को पार्टी से बाहर का रास्ता दिखाने का फैसला कर लिया है। पार्टी प्रमुख अरविंदर केजरीवाल ने भी यहां इस बात के साफ संकेत दिए। उन्होंने कहा कि पार्टी समय आने पर इन नेताओं पर कार्रवाई करेगी।

आम अादमी पार्टी नाराज अन्य बागी विधायकों को साथ लेने के प्रयास में

आम अादमी पार्टी के सूत्रों के अनुसार, पार्टी खैहरा गुट के अन्य विधायकों को साथ लेने को तैयार है, लेकिन खैहरा व संधू को अब साथ नहीं रखना चाहती है। पार्टी हाईकमान का मानना है कि खैहरा की तरफ से पार्टी में अनुशासनहीनता पैदा की गई है। खैहरा ने दिल्ली लीडरशिप को कभी भी मान्यता नहीं दी और पार्टी की बजाय अपनी निजी सियासत को पहल दी है। सूत्र बताते हैं कि पार्टी हाईकमान की रणनीति है कि खैहरा ख़ुद पार्टी को अलविदा कह दें। यदि वे ऐसा नहीं करते तो पार्टी की तरफ से बाहर का रास्ता दिखा दिया जाएगा।

केजरीवाल ने वीरवार को यूटी गेस्ट हाउस में पार्टी की तरफ से पांच लोकसभा हलकों से घोषित किए पांच उम्मीदवारों के साथ बंद कमरे में मीटिंग की। सूत्रों के अनुसार उन्होंने संगरूर से उम्मीदवार और मौजूदा सांसद भगवंत मान, फरीदकोट से प्रो. साधु सिंह, होशियारपुर से डाॅ. रवजोत सिंह, अमृतसर से कुलदीप सिंह धालीवाल और श्री आनंदपुर साहिब से नरिंदर सिंह शेरगिल चुनाव प्रचार के टिप्स दिए।

खैहरा पर ध्यान न देने की सलाह

पार्टी के बागी नेता सुखपाल सिंह खैहरा की तरफ ध्यान देने की बजाय जनता के मुद्दों को उठाने की नसीहत दी। सूत्र बताते हैं कि केजरीवाल ने इनको इकठ्ठा होकर जनता के मुद्दों की लड़ाई लड़ने, लोग सभा हलके में पड़ते विधानसभा क्षेत्रों के इंचार्ज लगाने, बूथ इंचार्ज लगाने, हलकों में दफ़्तर खोलने की बात कही।

इसके अलावा अपने हलके में वालंटियर्स के साथ मीटिंगों का सिलसिला तेज़ करने और अलग अलग तरह की समितियां बनाकर चुनाव प्रचार में जुट जाने की नसीहत दी है। सूत्र बताते हैं कि करीब बीस मिनट की मीटिंग में केजरीवाल ने केंद्र व पंजाब सरकार की तरफ से किए वायदों को पूरा न करने का मुद्दा उठाने को कहा। इसके साथ ही दिल्ली सरकार की उपलब्धियां जनता को बताने की सलाह दी।

केजरीवाल नहीं चाहते पार्टी में एकता : खैहरा

दूसरी अोर, खैहरा ने कहा कि अब स्पष्ट हो गया है कि पार्टी प्रमुख अरविंद केजरीवाल पार्टी में एकता नहीं चाहते हैैं। केजरीवाल के चंडीगढ़ दौरे के बारे में उनको कुछ नहीं बताया गया। मीडिया से उनको पता चला। उनके इस दौरे के बाद दोनों धड़ों के बीच दरार गहरी हो गई है।

खैहरा ने कहा कि लोकसभा चुनाव के लिए पांच उम्मीदवारों का ऐलान कर पहले ही केजरीवाल गुट ने अपनी मंशा ज़ाहिर कर दी थी। फिर भी हमने 8 नवंबर तक पार्टी में एकता का इंतजार करने का फैसला किया है। इस पर कायम भी हूं, इसके बाद ही कोई फैसला लेंगे। वे पहले की तरह ही अब भी केजरीवाल की इज्जत करते हैैं।

1984 के दंगों के खिलाफ दिया धरना

नवंबर 1984 के सिख विरोधी दंगों व सिखों के मारे जाने के खिलाफ खैहरा व उनके समर्थकों ने वीरवार को धरना दिया। उन्होंने कहा कि चाहे जगदीश टाइटलर हों और फिर सज्जन कुमार, दोषियों सजा मिलनी चाहिए। 34 साल बाद भी पीडि़तों को इंसाफ न मिलना दुखदायी है। कांग्रेस और अकाली-भाजपा इस मुद्दे पर सिर्फ सियासी रोटियां सेकी हैैं। 

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