अकीदत से निकला चेहल्लुम का जुलूस

सुलतानपुर,30 अक्टूबर (UjjawalPrabhat.Com)। अमहट में चेहल्लुम का जुलूस निकालकर इमाम बाड़ों हुसैनिया नजर अली शाह हुसैनिया, शेखखानी हुसैनिया, बादल खाँन हुसैनिया, नौतामीर हुसैनिया, बखशी खाँ हुसैनिया, मेड़ई खाँ अलीगढ हुसैनिया, अली नगर हुसैनिया, ऊँचवा हुसैनिया, जामिन अली मेड़ई का पुरवा हुसैनिया, तुराबखानी में अलविदा ई मजलिस का आयोजन किया गया। इसके बाद ताजिया का जुलूस सभी इमाम बाड़ो से उठकर अमहट चौराहे होता हुआ अमेठी रोड पर पहुँचा। जुलूस में सबसे आगे अंजुमन जीनतुल अजा अलीगढ,़ अंजुमन असगरिया कदीम अमहट, अंजुमन पंजतनी तुराबखानी, अंजुमन असगरिया अमहट, अंजुमन कमर बनी हाशिम अमहट नौहा मातम करते हुए करबला अमहट पर पहुंच कर ताजिया सिपुरदे खाक किया गया। दौराने जुलूस अमहट की सभी अंजुमननों ने तलवार और जंजीर का मातम किया। इसके अलावा सुलतानपुर के शिया बाहुल्य क्षेत्र हसनपुर, मनियारपुर जुड़ूपुर, प्रतापपुर, मनियारी, भाईं, पीथापुर, लौहरदक्षिण, ताजखानपुर, चुनहा, करौंदिया, सजैया, मालहा, सैदपुर, हयातनगर, कोटवा, सुरौली, मूंगर, सैदखानपुर, लुसहा, धौरहरा वलीपुर, बेलहरी, कादीपुर, पियारेपुर, खैराबाद, इसौली कारीभीट आदि इलाकों में भी जुलूस उठाया गया। इस मौके पर हैदर अब्बास खाँ अध्यक्ष हुसैनी शिया वेलफेयर एसोसिएशन ने बताया कि याद रहे चेहलुम इस लिऐ मनाया जाता है कि आज ही के दिन हजरत इमाम हुसैन अलैं.स. की शहादत के बाद उनके घरवालों को कैद कर यजीद ने सीरिया के कैदखाने में एक साल तक कैद रखा था। एक साल के बाद जब यह कैदी रिहा हुऐ तो उन्होंने करबला पहुँचकर 72 शहीदां का चेहल्लुम मनाया। साथ ही कहा कि वह आज ही की तारीख थी, इसलिए हर साल चेहल्लुम मनाया जाता है। सड़कों पर अमहट में यातायात के लिए पुलिस प्रशासन ने बेहतर इन्तेजाम किया। जिससे सभी ने पुलिश प्रशासन की प्रशंसा की।
रिपोर्ट- आफताब आलम 

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