‘सीबीआई में भूचाल’ लाने वाले मीट कारोबारी मोइन कुरैशी की पूरी कहानी कर देगी हैरान
जिस मीट कारोबारी की वजह से देश की सबसे बड़ी एजेंसी केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) में भूचाल आ गया, जो अब तक तीन सीबीआई डायरेक्टर्स की बलि ले चुका है। उसकी कहानी जानकर आज सभी हैरान हैं। मूल रूप से कानपुर का रहने वाला मीट कारोबारी मोइन कुरैशी केवल भारत में ही नहीं विदेश में भी अपना मीट का कारोबार चला रहा है। रामपुर में छोटे से बूचड़खाने की शुरुआत करने वाला मोइन कैसे ताकतवर कारोबारी बन गया इसके किस्से आज जग जाहिर होने लगे हैं। मोइन कुरैशी ही वो शख्स है जिसके केस की वजह से सीबीआई की भीतरी की लड़ाई सड़क पर आ गई। 
रामपुर में जन्मा मोइन अख्तर कुरैशी उत्तर प्रदेश के कानपुर से ताल्लुक रखता है। साल 1993 में उसने कानपुर और रामपुर में छोटा सा बूचड़खाना खोला था और जल्द ही वह देश का सबसे बड़ा मांस कारोबारी बन बैठा। पच्चीस सालों से मोइन ने निर्माण और फैशन समेत कई क्षेत्रों में 25 से ज्यादा कंपनियां खड़ी कर लीं। उसने अपनी पढ़ाई दून स्कूल और सेंट स्टीफेंस से की थी। उसके खिलाफ कर चोरी, मनी लॉन्ड्रिंग और भ्रष्टाचार में शामिल होने के कई आरोप लगे और जांच हुई। इसके साथ-साथ उसने हवाला के जरिए बड़ा लेनदेन किया। उस पर सीबीआई अफसरों, राजनेताओं समेत कई अधिकारियों को रिश्वत देने के भी आरोप लगे।
मोइन कुरैशी का नाम सबसे पहले 2014 में सामने आया, जब यह पता चला कि 15 महीने में कुरैशी कम से कम 70 बार तत्कालीन सीबीआई चीफ रंजीत सिन्हा के घर पर गया था। आलोक वर्मा और अस्थाना के बीच मौजूदा विवाद में हैदराबाद के बिजनसमैन सतीश बाबू सना का नाम भी सामने आया है। सना ने पिछले साल ईडी को कथित तौर पर बताया था कि उसने सिन्हा के जरिए एक सीबीआई केस में फंसे अपने दोस्त को जमानत दिलाने के लिए 1 करोड़ रुपये कुरैशी को दिए थे।
साल 2014 में पता चला कि कुरैशी और एक अन्य सीबीआई डायरेक्टर एपी सिंह के बीच मैसेज का आदान-प्रदान हुआ था। सिंह 2010 से 2012 तक एजेंसी के हेड रहे। आयकर विभाग और इडी ने मामले की जांच की और पिछले साल फरवरी में सीबीअाई ने भी सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया, जिससे कुरैशी के साथ उनके संबंधों की जांच हो सके। आरोपों के चलते सिंह को संघ लोक सेवा आयोग में सदस्य की अपनी पोस्ट छोड़नी पड़ी। एपी सिंह भी लगातार आरोपों से इनकार करते रहे। उन्होंने यह भी कहा कि सीबीआई ने अब तक उनसे संपर्क नहीं किया है।
कुरैशी की जांच के सिलसिले में आलोक वर्मा पर सवाल खड़े किए गए। सरकार ने उनसे सभी अधिकार वापस ले लिए। दरअसल, राकेश अस्थाना ने आरोप लगाया है कि कुरैशी केस में राहत पहुंचाने के लिए वर्मा ने सना से दो करोड़ रुपये की रिश्वत ली है। दूसरी ओर आलोक वर्मा ने अस्थाना के खिलाफ पिछले हफ्ते एफअाईआर दायर की, जिसमें आरोप लगाया गया कि अस्थाना ने सना से 3 करोड़ रुपये की रिश्वत ली। सीबीअाई ने 15 अक्टूबर को अपने स्पेशल डायरेक्टर राकेश अस्थाना के खिलाफ मोइन कुरैशी से 3 करोड़ रुपये की रिश्वत लेने के आरोप में एफआईआर दर्ज की।
देश-विदेश में दो दर्जन से ज्यादा कंपनियों के मालिक कुरैशी की प्रमुख कंपनी है एएमक्यू एग्रो जो मांस एक्सपोर्ट करती है। मोइन का दिल्ली के छतरपुर में एक शानदार फार्महाउस है जिसे जर्मनी के जाने माने आर्किटेक्ट जीन लुई ने डिजाइन किया था। पीएम नरेंद्र मोदी ने 2014 में अपनी रैलियों में आरोप लगाया था कि कुरैशी पर कांग्रेस आलाकमान का हाथ है इसीलिए जांच एजेंसियों के रडार पर होने बाद भी उससे कभी पूछताछ नही की गई। सियासी गलियारों के अलावा जांच एजेंसियों में भी कुरैशी की गहरी पैठ है। राकेश अस्थाना से पहले सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर रंजीत सिन्हा और एपी सिंह भी कुरैशी से रिश्तों के चलते विवाद में फंस चुके हैं।
देश-विदेश में दो दर्जन से ज्यादा कंपनियों के मालिक कुरैशी की प्रमुख कंपनी है एएमक्यू एग्रो जो मांस एक्सपोर्ट करती है। मोइन का दिल्ली के छतरपुर में एक शानदार फार्महाउस है जिसे जर्मनी के जाने माने आर्किटेक्ट जीन लुई ने डिजाइन किया था। पीएम नरेंद्र मोदी ने 2014 में अपनी रैलियों में आरोप लगाया था कि कुरैशी पर कांग्रेस आलाकमान का हाथ है इसीलिए जांच एजेंसियों के रडार पर होने बाद भी उससे कभी पूछताछ नही की गई। सियासी गलियारों के अलावा जांच एजेंसियों में भी कुरैशी की गहरी पैठ है। राकेश अस्थाना से पहले सीबीआई के पूर्व डायरेक्टर रंजीत सिन्हा और एपी सिंह भी कुरैशी से रिश्तों के चलते विवाद में फंस चुके हैं।
फरवरी 2014 में इनकम टैक्स ने कुरैशी के जिन 15 ठिकानों पर छापा मारा उनमें से एक एपी सिंह का था। जहां से कुरैशी बाकायदा अपना ऑफिस चलाता था। इसी के चलते जनवरी 2015 में एपी सिंह को यूपीएससी मेंबर के पद से इस्तीफा देना पड़ा था।





