2 पीढ़ियों के इंतजार के बाद पैदा हुई बेटी तो पिता ने किया ये काम, आंखें जमाए देखता रह गया पूरा शहर

घर में बेटी के आने की खुशी क्या होती है कोई इस पिता से सीखे…सचमुच वह नजारा कितना अद्भुत रहा होगा जब उनके घर में एक नन्ही परी आई। खुशी के मारे पिता ने अपने हाथों से फूलों की बारिश कर उसका स्वागत किया था। यह सब तब हुआ जब दो पीढ़ी गुजर चुकी थी। बहुत दुआओ और मन्नतों के बाद इस बेटी ने जन्म लिया है।
यह मामला सामने आया है मध्यप्रदेश कैंट के नयापुरा में… मीडिया रिपोर्ट्स की मानें तो यहां नागवंशी परिवार में मंगलवार को बेटी की किलकारी गूंज उठी। परिवार के लिए यह बहुत बड़ी खुशी का मौका है। और हो भी क्यों नहीं… आखिरकार दो पीढ़ियों के इंतजार के बाद उनके यहां बेटी ने जन्म जो लिया है। जी हां, समाज में जहां अक्सर देखा जाता है कि इतनी खुशियां बेटा पैदा होने पर बनाई जाती है लेकिन मध्यप्रदेश का नागवंशी परिवार ने इस बेटी के आने का जबरदस्त जश्न मनाया।
जब बिटिया को अस्पताल से घर लाया गया तो पिता उसे लेने के लिए दरवाजे की जगह घर की छत पर नजर आए। किसी को नहीं मालूम था कि पिता हाथ में फूल लिए अपनी बेटी का इंतजार कर रहे हैं। जैसे ही वह अपने चाचा की गोद में घर की और आई ऊपर से फूलों की बरसात होने लगी। दरअसल, वे चाहते थे कि जब उनकी बेटी घर में प्रवेश करे तो वे उस पर फूल बरसाएं और हुआ भी ठीक वैसा ही। बिटिया को पीले फूलों से दुल्हन की तरह सजी लाल रंग की बोलेरो में घर लाया गया था।
इसके बाद उसका गुलाब की पंखुड़ियों से स्वागत किया गया। वहीं घर के छोटे बच्चे पटाखे जलाकर खुशी मना रहे थे। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, पिता भूपेंद्र सिंह अग्निवंशी कहते हैं कि पूरे परिवार ने बेटी को परी नाम दिया है। परी के आने की खुशी इसलिए है, क्योंकि पिछली दो पीढ़ी से हमारे यहां बेटी नहीं जन्मी थी। भूपेंद्र बताते हैं कि हमारे पिता के हम 4 भाई हैं और हमारे यहां भी बेटे ही हुए। पहली बार बेटी हुई है, इसलिए पूरा परिवार खुश है।
नागवंशी परिवार में बेटी आने की खुशी सारे शहर ने अपनी आंखों से देखी। जी हां, भूपेंद्र के बड़े भाई यशवंत जब अपनी नवजात भतीजी को लाने के लिए सजी-धजी गाडी़ लिए अस्पताल पहुंचे तो लोगों को समझ पाना मुश्किल हो रहा था मगर बाद में जब वो शहर के बीच से गुजरे तो लोग हैरान रह गए। सबने सोचा आखिर इतनी सजी-धजी गाड़ी जा कहां जा रही है। आमतौर पर तो लोग नई दुल्हन को लाने के लिए इस तरह से गाड़ी तैयार करा के ले जाते हैं लेकिन अभी इनके परिवार में तो किसी की शादी नहीं थी। जब लोगों को मालूम चला कि कार भूपेंद्र के घर उनकी नवजात बेटी को लेकर गई है तो सबने उनकी तारीफ की।





