यूपी के फर्रुखाबाद जिले में बच्चों को स्कूल ले जाते समय वैन में लगी किट से गैस रिसने से 20 बच्चों की हालत बिगड़ गई। एक ग्रामीण अभिभावक ने बच्चों की हालत देखी तो चिल्लाकर वैन रुकवाई। गांव के लोग इकट्ठा हुए पर मौका पाते ही चालक भाग गया। सभी बच्चों को वैन से नीचे उतार कर गांव के लोगों ने पानी पिलाया तब उनकी हालत में सुधार हुआ। एसपी पहुंचे और बच्चों और अभिभावकों से जानकारी ली। एसपी के आदेश पर एक छात्र के पिता की तहरीर पर पुलिस ने स्कूल प्रबंधक और वैन चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर ली है। 
कायमगंज कोतवाली के गांव दत्तू नगला निवासी रमेश चंद्र यादव का गांव में एसबी आदर्श पब्लिक स्कूल और नवाबगंज में ब्रह्मजीत दफेदार सिंह इंटर कॉलेज है। दत्तू नगला निवासी उर्जेश कुमार वैन से दोनों स्कूलों के बच्चों को घरों से लाता है और वापस छोड़ने जाता है। उसने वैन में अवैध तरीके से गैस किट लगवा ली। शुक्रवार सुबह वह दोनों स्कूलों के करीब 20 बच्चों को बैठाकर अचरा रोड होते हुए जा रहा था। उसने वलीपुर गांव के पास एसबी पब्लिक स्कूल के दो बच्चों को बैठाने के लिए वैन रोक दी। तभी वलीपुर निवासी रजनेश अपने पुत्र चंद्रमोहन और भतीजी को वैन में बैठाने गए।
एसपी के आदेश पर स्कूल प्रबंधक व वैन चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई
उन्होंने वैन का गेट खोला तो उसमें बैठे बच्चों की हालत खराब देखी। गैस की बदबू आने पर रजनेश ने गाड़ी बंद करा दी और चालक को उतार लिया। चालक उससे झगड़ा करने लगा। तभी गांव के लोग पहुंच गए। यह देखकर चालक वहां से भाग गया। रजनेश ने कॉलेज प्रबंधक को फोन पर घटना की जानकारी दी तो वह भी विवाद करने लगे। ग्रामीणों ने वैन लगे पाइप को निकालकर सारी गैस उड़ा दी। वैन से उतरे बच्चे उल्टी करने लगे। गांव के लोगों ने उनको ठंडा पानी पिलाया और हवा की।
कुछ देर बाद बच्चों की हालत में सुधार हुआ। तब तक बच्चों के माता-पिता भी मौके पर आ गए। रजनेश की सूचना पर यूपी 100 पुलिस मौके पर पहुंची और वैन को कब्जे में लेकर थाने भेज दिया। एसपी संतोष मिश्र पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्चों और उनके परिवार वालों से पूछताछ की। एसपी के निर्देश पर वलीपुर गांव निवासी चंद्र मोहन के पिता रजनेश ने स्कूल प्रबंधक रमेश चंद्र यादव व वैन चालक उर्जेश के खिलाफ तहरीर दी। एसओ रजनीश चौहान ने बताया कि एसपी के आदेश पर स्कूल प्रबंधक व वैन चालक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। कब्जे में ली गई वैन में रखे कागजों की जांच की गई। इसमें एलपीजी किट लगने का कोई परमिट नहीं था। चालक अवैध तीरके से एलपीजी किट लगाकर वैन चला रहा था। वाहन के पंजीकरण संबंधी जांच की जा रही है।
समय पर पहुंचने पर यूपी 100 को दी शाबासी
इन बच्चों की बिगड़ी हालत
स्कूली वैन में अमरापुर निवासी सुनील कुमार का पुत्र सुमित(8), कमल (4), पुत्री लक्ष्मी (6), गांव पहाड़पुर निवासी रामबाबू का पुत्र मिलन (10), भूपेंद्र का पुत्र उत्कर्ष (10), वलीपुर निवासी सर्वेश की पुत्री पल्लवी (6)। इसके अलावा श्रद्धा, आराध्या समेत 20 बच्चों की हालत बिगड़ी। इनमें अधिकांश को उल्टी हो रही थी।
समय पर पहुंचने पर यूपी 100 को दी शाबासी
सूचना मिलने के कुछ ही देर बार यूपी 100 की पीआरवी मौके पर पहुंच गई। उसने वैन को कब्जे में लेकर तत्काल थाने भेज दिया। इसकी जानकारी होने पर पुलिस अधीक्षक संतोष मिश्रा ने पीआरवी के हेड कॉन्स्टेबल सुरजीत से हाथ मिलाया और उनकी पूरी टीम को शाबासी दी। पीआरवी सिपाही शीलू और चालक प्रमोद थे।