मी टू कैंपेन में कांग्रेस और सपा ने एमजे अकबर का मांगा इस्तीफा, केंद्र सरकार ने कुछ नहीं दिया जवाब

मी टू अभियान बॉलीवुड के बाद अब मीडिया के दिग्गजों को भी अपना शिकार बना रहा है। केंद्रीय विदेश राज्य मंत्री एमजे अकबर पर यौन उत्पीड़न के आरोप के बाद कांग्रेस और समाजवादी पार्टी ने उनका इस्तीफा मांगा है। दोनों दलों ने इस मामले की जांच की मांग की है।
कांग्रेस प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि यह गंभीर मामला है। वहीं भाजपा प्रवक्ता संबित पात्रा ने इस विषय पर पूछे गए सवालों का जवाब देने से ही इंकार कर दिया। फिलहाल पूरे प्रकरण पर केंद्र सरकार ने चुप्पी साध ली है। विदेश मंत्री सुषमा स्वराज ने भी इस विषय पर किसी सवाल का जवाब नहीं दिया। राष्ट्रीय महिला आयोग ने मामले में कार्रवाई करने का भरोसा दिलाया है। वहीं केंद्रीय मंत्री मनोज सिन्हा ने आरोपी को अपना पक्ष रखने और पूरे मामले की जांच की पैरवी की मांग की है।
महिला प्रेस क्लब भी कैंपेन में हिस्सा ले रही महिलाओं के समर्थन में खुलकर सामने आ गया है। मंगलवार को भी कैंपेन में दो पत्रकारों समेत छह विज्ञापन कंपनियों के अधिकारियों पर मी टू कैंपेन का शिकंजा कसा। इससे पहले एक अंग्रेजी अखबार के राजनैतिक संपादक प्रशांत झा का नाम भी सामने आया था। आरोप के बाद पत्रकार ने इस्तीफा दे दिया था।
इससे पहले एक महिला पत्रकार ने ट्वीट करके आरोप लगाया था कि एमजे अकबर होटल में बुलाकर आपत्तिजनक हरकतें और बातें करते थे। उसका आरोप है कि अकबर जब संपादक थे, तो होटल में साक्षात्कार के दौरान कई महिला पत्रकारों से आपत्तिजनक हरकतें कर चुके हैं।
देश की संस्कृति के खिलाफ है मी टू : उदित राज





