केके हॉस्पिटल में मरीज की मौत पर मचा हंगामा, तोड़फोड़ कर लगाया जाम

लखनऊ में वजीरगंज इलाके के केके हॉस्पिटल में रविवार शाम को मरीज की मौत हो गई। परिवारीजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। वहीं डॉक्टरों का आरोप है कि तीमारदारों ने तोड़फोड़ व मारपीट की। सूचना पर पुलिस पहुंची और तीमारदारों को शांत कराया।

वहीं इंस्पेक्टर वजीरगंज पंकज सिंह ने बताया कि अस्पताल के मालिक की तरफ से तोड़फोड़ व मारपीट का मुकदमा दर्ज कराया गया है। मरीज के घरवालों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है।
सआदतगंज के वर्षपुरम में रहने वाले बसंत लाल (50) को सीने में दर्द उठने पर घरवाले शुक्रवार दोपहर लारी ले गए।

वहां से डॉक्टरों ने जांच के बाद रिपोर्ट को सामान्य बताया और ट्रॉमा भेज दिया। वहां बेड नहीं मिला तो घरवाले उन्हें केके हॉस्पिटल ले गए और भर्ती कराया। बसंत लाल के बेटे सनी सोनकर का आरोप है कि रविवार को पिता की तबीयत बिगड़ गई। हम उन्हें लारी ले जाना चाहते थे, लेकिन अस्पताल वालों ने जबरन रोके रखा।

सनी ने कहा कि शाम छह बजे हम उन्हें लेकर लारी पहुंचे, वहां डॉक्टरो ने कहा कि समय पर लाते तो जान बच सकती थी। वहीं अस्पताल प्रशासन का कहना है कि तीमारदार जबरन मरीज को आईसीयू से निकाल रहे थे। मना करने पर मारपीट व तोड़फोड़ करने लगे। रिसेप्शन का शीशा व बाहर लगे गमले तोड़े। आईसीयू में तोड़फोड़ की। 

डॉक्टर- कर्मचारियों से की मारपीट

केके हॉस्पिटल में भर्ती बसंतलाल को घरवाले लारी कॉर्डियोलाजी ले गए। वहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया तो वे शव लेकर फिर केके अस्पताल पहुंचे। वहां सड़क पर शव रख जाम लगा दिया। लोगों ने उन्हें समझाने की कोशिश की मगर वह नहीं माने। वजीरगंज इंस्पेक्टर पंकज सिंह ने कार्रवाई का आश्वासन दिया, तब शव को हटाया। इस बीच करीब आधे घंटे तक रोड जाम रहा। 

वहीं केके अस्पताल के संचालक कुंवर कांत सिंह के मुताबिक, मरीज आईसीयू में गंभीर हालत में था। इलाज में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती गई। तीमारदार जबरन मरीज को आईसीयू से निकाल रहे थे। मना करे पर अस्पताल में लगे शीशे, गमले तोड़ दिए। डॉक्टर- कर्मचारियों से मारपीट की है

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