समाजवादी पार्टी से अलग होकर समाजवादी सेक्युलर मोर्चा बनाने वाले शिवपाल सिंह यादव के नए बयान से पूर्वांचल की राजनीति में चर्चाएं तेज हो गई हैं। सपा के पूर्व प्रमु्ख मुलायम सिंह यादव के गढ़ माने जाने वाले आजमगढ़ में शिवपाल यादव ने यह बयान दिया है। मुलायम सिंह यहीं से सांसद हैं।
शिवपाल ने कहा है उत्तर प्रदेश की सभी विधानसभा सीटों पर समाजवादी सेक्युलर मोर्चा प्रत्याशी उतारेगी। केवल उस सीट पर कोई प्रत्याशी नहीं उतरेगा जहां से मुलायम सिंह यादव खड़े होंगे। उन्होंने कहा कि मोर्चे को 45 छोटे दलों का समर्थन हासिल है। मुलायम सिंह यादव हमारे मार्गदर्शक हैं। वो जहां से भी चुनाव लड़ेंगे पार्टी उनका समर्थन करेगी।
पिछले चुनाव में भी जसवंतनगर सीट पर अखिलेश यादव के तमाम षडयंत्र के बाद मैंने 59 हजार वोट से जीत हासिल की थी। यदि इस बार भी वो हमारे खिलाफ प्रत्याशी उतारते हैं तो ये एक जंग होगी। महाभारत की तरह धर्मयुद्ध होगा जिसमें हम जीत हासिल करेंगे। उन्होंने कहा कि समाजवादी सेक्युलर मोर्चा की लोकप्रियता में कोई कमी नहीं है। गोरखपुर से आजमगढ़ बार्डर आते में इतनी जगह पर मेरा स्वागत हुआ कि चार घंटे लग गए।
मुख्तार अंसारी को करेंगे पार्टी में शामिल
बता दें कि शिवपाल यादव शनिवार की रात आजमगढ़ के मालटारी में पं. कुबेर मिश्र की तेरहवीं में शामिल होने के लिए पहुंचे थे। रविवार सुबह लखनऊ वापसी के दौरान अतरौलिया में कोयलसा डिग्री कालेज के पूर्व अध्यक्ष संतोष यादव के आवास पर कार्यकर्ताओं को संबोधित किया। शिवपाल ने दावा करते हुए कहा कि प्रत्याशी चुनाव लड़ेगा भी और भारी बहुमत से जीतेगा।
शिवपाल यादव ने कहा कि बिना समाजवादी सेक्युलर मोर्चा की मदद के कोई भी पार्टी केंद्र में सरकार नहीं बना सकती। बसपा विधायक मुख्तार अंसारी पर शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि पार्टी में बात करेंगे जो भी आना चाहेगा उसे हम शामिल करेंगे। इससे पहले शिवपाल सिंह यादव ने कहा कि हमने नेता जी (मुलायम सिंह यादव) के साथ राजनीति की शुरुआत की।
अगर नेताजी नहीं होते तो शायद हम भी कहीं नौकरी कर रहे होते। नेताजी के साथ हमने भी कई बड़ी राजनीतिक लड़ाइयां लड़ी हैं। हमारे साथ नेताजी का आशीर्वाद है। हमने समाजवादी सेक्युलर मोर्चा की शुरुआत नेताजी के आशीर्वाद से ही की है।
शिवपाल यादव ने कहा कि कुछ लोग हैं जो नेताजी को बहका देते हैं। आज भी नेताजी के मन में बहुत तकलीफ है, लेकिन मुझे नेताजी पर भरोसा है, विश्वास है कि उनका आशीर्वाद मेरे साथ हमेशा रहेगा।
पूर्वांचल में समाजवादी पार्टी दो फाड़, सेक्यूलर मोर्चा सक्रिय
पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव लगातार जमीनी स्तर पर अपने संगठन को मजबूत करते नजर आ रहे हैं। यह आलम तब है जब अभी उनकी पार्टी प्रगतिशील समाजवादी पार्टी के रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया भी चुनाव आयोग द्वारा पूरी नहीं हुई है और न ही अभी उन्हें चुनान चिह्न ही आवंटित किया गया है।
शिवपाल सिंह यादव का समाजवादी सेक्यूलर मोर्चा वाराणसी सहित पूर्वांचल में सक्रिय है। इससे पूर्वांचल में सपा दो फाड़ हो गई है। लखनऊ के देवेंद्र सिंह को वाराणसी का जिला प्रभारी नियुक्त कर संगठन विस्तार के साफ संकेत दिए गए हैं। उधर, पूर्व दर्जा प्राप्त राज्यमंत्री रीबू श्रीवास्तव ने सपा छोड़ने की घोषणा की है। ऐसे हालात में सपा अपने कुनबे को बिखरने से बचाने में जुट गई है।
राजनीतिक गलियारे में चर्चा है कि पूर्वांचल के कई कद्दावर नेता और अखिलेश सरकार के मंत्री भी पूर्व कैबिनेट मंत्री शिवपाल सिंह यादव के संपर्क में हैं। सेक्यूलर मोर्चा के सक्रिय होने से सपा में बिखराव तय है। ऐसे में सपा भी अपने लोगों को साथ रखने की पूरी कोशिश में जुटी है।
पिछले विधानसभा चुनाव में वाराणसी कैंट सीट से सपा ने रीबू श्रीवास्तवका नाम रखा था, लेकिन कांग्रेस से गठजोड़ के बाद उनके जगह से कांग्रेस प्रत्याशी अनिल श्रीवास्तव को प्रत्याशी घोथि किया गया। उस वक्त रीबू ने अपना विरोध भी दर्ज कराया था। इस बात की चर्चा राजनितिक गलियारे में बहुत दिन तक चली थी।
बाद में विधान सभा चुनाव में समाजवादी पार्टी और कांग्रेस के गठबंधन की करारी हर हुई थी, जिसको लेकर समाजवादी पार्टी दो धड़ों में बंट गई। इसमे पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव और शिवपाल यादव के समर्थको के बीच खुल्लमखुल्ला जुबानी जंग चलने लगी।