मायावती द्वारा कांग्रेस से हाथ न मिलाने से हरियाणा में इनेलो का हौसला बढ़ा

बहुजन समाज पार्टी की सुप्रीमो मायावती द्वारा कांग्रेस का हाथ झटक देने से हरियाणा में इंडियन नेशनल लाेकदल (इनेलो) को राहत मिली है। इससे इनेलो नेताओं के हौसले बढ़ गए हैं। हरियाणा में बसपा का इनेलो से गठबंधन है और कांग्रेस की भी बसपा पर नजर लगी थी। हरियाणा में इनलो और कांग्रेस प्रतिद्वंद्वी दल हैं।
गोहाना रैली में एक मंच पर दिखाई दे सकते हैं चौटाला और मायावती
जेबीटी भर्ती मामले में सजा काट रहे पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला 18 अक्टूबर तक फरलो पर हैं। बुधवार को फरलो मिलने के बाद चौटाला अपने दिल्ली निवास पर गए और वहां से गुरुग्राम में हुई राज्य कार्यकारिणी की बैठक में भागीदारी की। हालांकि चौटाला के राजनीतिक गतिविधियों में भागीदारी करने पर रोक है, लेकिन वह अपने पिता देवीलाल को श्रद्धांजलि देने के लिए गोहाना रैली में पहुंच सकते हैं। किसी भी तरह की कानूनी दिक्कत से बचने के लिए उनके वकील चौटाला को मंच से कोई राजनीतिक भाषण देने से मना कर सकते हैं। मगर फरलो पर उनके पार्टी कार्यकर्ताओं से मिलने पर कोई रोक नहीं है।
विपक्ष के नेता अभय सिंह चौटाला और इनेलो के प्रदेश अध्यक्ष अशोक अरोड़ा अपने-अपने ढंग से गोहाना रैली की तैयारियों में जुटे हुए हैं। इस रैली में हरियाणा बसपा के कई प्रमुख नेता भी शामिल होंगे। इनेलो के साथ-साथ बसपा नेताओं की भी कोशिश है कि मायावती गोहाना रैली में शामिल हों, ताकि अगले लोकसभा और विधानसभा चुनाव में स्पष्ट राजनीतिक संदेश पहुंच सके।
इनेलो संसदीय दल के नेता दुष्यंत चौटाला ने जननायक सेवादल को लंबे समय के बाद अचानक सक्रिय कर दिया है। इसके लिए उन्होंने ओमप्रकाश चौटाला से अनुमति हासिल की है। सामाजिक गतिविधियों के लिए इसी सेवादल के प्लेटफार्म का इस्तेमाल किया जा रहा है।
चौटाला का हर जिले के कार्यकर्ताओं से मुलाकात का दौर
फरलो के दौरान इनेलो सुप्रीमो ओमप्रकाश चौटाला प्रदेश भर के पार्टी कार्यकर्ताओं से मुलाकात करेंगे। पूर्व मुख्यमंत्री ओमप्रकाश चौटाला हर जिले में जाने का इरादा बनाए हुए हैं। वे तीन दिन तक चंडीगढ़ में भी रहकर आराम करेंगे और यही आसपास के जिलों के कार्यकर्ताओं के साथ मुलाकात करेंगे।
चौटाला के वापस जेल जाने के बाद दीपावली के आसपास अजय चौटाला के फरलो पर आने की संभावना है। अभय सिंह चौटाला और करण सिंह दलाल के बीच विधानसभा में हुए जूता प्रकरण के बाद जिस तरह से पार्टी की छवि को नुकसान हुआ है, चौटाला की कार्यकर्ताओं से मुलाकात उसकी भरपाई में अहम रोल निभा सकती है।





