बड़ी खबर: अब भारत में कोई बेरोजगार नहीं रहेगा…‘मोदी’ कंपनी में नौकरियों की भरमार !

अगर मोदी सरकार की ये तरकीब काम कर गई तो आने वाले वक्त में हिंदुस्तान में कोई भी बेरोजगार नहीं रहेगा। आखिर कैसे होगा ये सब…पढ़िए

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मोदी सरकार इस वक्त देश के ज्यादा से ज्यादा लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने की दिशा में काम करती जा रही है। सरकार का उद्देश्य ये है कि भारत में कोई भी बेरोजगार ना रहे। इसके लिए मोदी सरकार ने कई कदम भी उठाए हैं। इस बीच सरकार ने नौकरियों को प्रोत्साहन देने के लिए नई दिशा में काम करना भी शुरु कर दिया है। ये एक ऐसा फैसला साबित हो सकता है जो कंपनियों को बेरोजगारों को रोजगार देने के लिए प्ररित करेगा। इस फैसले के बाद माना जा रहा है कि नौकरियों की तलाश कर रहे युवाओं को काफी मदद मिल सकती है। मोदी सरकार के इस फैसले का सीधा फायदा उन युवाओं को मिलने वाले है जो नौकरी की तलाश में इधर उधर भटक रहे हैं। आप भी जानने की कोशिश कीजिए कि आखिर क्या है सरकार का ये फैसला।

दरअसल मोदी सरकार ज्‍यादा से ज्‍यादा लोगों को रोजगार मुहैया कराने की दिशा में अपने कदम बढ़ा रही है। इसके लिए सरकार द्वारा उन कंपनियों को वित्‍तीय प्रोत्‍साहन या मदद देने की घोषणा की गई है, जो अपने संस्थान में ज्यादा से ज्यादा बेरोजगारों को नौकरी देगी। सीधे अर्थों में समझें तो उन कंपनियों को सरकार की तरफ से मदद मुहैय्या कराई जाएगी, जो ज्यादा से ज्यादा युवाओं को नौकरी दे रही है। इस योजना का नाम प्रधानमंत्री रोजगार प्रोत्‍साहन योजना रखा गया है और इसके तहत कंपनियों को वित्तीय मदद दी जाएगी। हालांकि कंपनियों को वित्तीय मदद किस तरह मिलेगी इसके लिए भी सरकार ने एक खाका तैयार किया है जिस पर जल्द से जल्द काम आगे बढ़ने के आसार नजर आ रहे हैं।

इसके लिए सरकार की तरफ से प्लानिंग की गई हैं कि नए कर्मचारियों के पीएफ में कंपनियों के कंट्रीब्‍यूशन का भुगतान सरकार ही करेगी। इसके तहत अगर कोई कंपनी एम्प्लॉइज की संख्‍या में बढ़ोतरी करती है तो कंपनी की ओर से कर्मचारी के ईपीएफ में सरकार करीब 8.33 फीसदी का योगदान करेगी। इसका मतलब ये हुआ कि कंपनी को नए कर्मचारियों के पीएफ में अपना योगदान नहीं देना होगा। इससे कंपनियां सरकार के इस फैसले की बड़े पैमाने पर मदद कर सकेंगी। इसके साथ ही सरकार की एक और प्लानिंग है और वो ये कि कर्मचारी भविष्‍य निधि संगठन यानी ईपीएफओ ने एक सर्कुलर जारी कर दिया है। इसके साथ ही EPFO ने अपने सभी क्षेत्रीय कार्यालयों को इस स्‍कीम के बारे में कंपनियों को अलर्ट करने का निर्देश दे दिया है।

ये सब दरअसल इसलिये किया जा रहा है क्योंकि कंपनियां इस स्‍कीम का फायदा उठा सकें और ज्‍यादा से ज्‍यादा संख्‍या में युवाओं को रोजगार मिल सके। इसके लिए ईपीएफओ ने अपना पीएमआरपीवाई पोर्टल सक्रिय भी कर दिया है। आपको बता दें कि लेबर ब्‍यूरो के एक सर्वे में हाल ही में एक रिपोर्ट सामने आई है। इस रिपोर्ट के जरिए पता चला है कि भारत में 15 साल से ज्यादा वक्त तक काम कर चुके लोगों में अनइंप्लायमेंट 5 साल में सबसे बड़े स्‍तर पर है। इस रिपोर्ट में ये भी कहा गया है कि इस वर्ग में 5 फीसदी से ज्यादा लोग अनइंप्लायमेंट हैं। साथ ही लेबर ब्‍यूरो ने ये भी कहा है कि नई इंप्‍लॉयमेंट अनइंप्‍लॉयमेंट सर्वे रिपोर्ट के मुताबिक 68 प्रतिशत परिवार हर महीने 10,000 रुपये कमाते हैं। अब देखना है कि मोदी सरकार की ये रणनीति कितना काम करती है।

india trending now से साभार…

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