अलवर हिंसा मामले में हुआ बड़ा खुलासा- जिसे मार डाला, उसने गाय खरीदी ही नहीं

राजस्थान में अलवर के रामगढ़ में भीड़ हिंसा और पुलिस की लापरवाही से मारे गए रकबर उर्फ अकबर खान के गाय खरीदने की बात गलत निकली है। घटना में जीवित बचे असलम खान का बयान पुलिस जांच में गलत पाया गया। असलम रकबर का दोस्त है और घटना के वक्त उसके साथ ही था। 

दोनों ने जिन दो परिवारों से गाय खरीदने की बात बताई थी, उनमें से एक पास तो गाय है ही नहीं और दूसरे के पास एक ही गाय है। दोनों ही परिवारों ने पुलिस को बताया कि उन्होंने किसी को कोई गाय नहीं बेची। साथ ही रामगढ़ से बरामद की गईं दोनों गाय दुधारू भी नहीं है। आला पुलिस अधिकारियों की समिति ने गाय खरीद के दस्तावेज की जांच शुरू कर दी है। गोतस्करी के शक में रामगढ़ के ललावंडी गांव में पिटाई के बाद ग्रामीणों ने 20 जुलाई की रात रकबर को पुलिस को सौंप दिया था। 

एफआईआर में पुलिस ने दर्ज किया है कि मरने से पहले रकबर ने बताया था कि वह बडौदामेव के लाडपुरा गांव से गाय खरीद कर पैदल ही जंगल के रास्ते हरियाणा स्थित अपने गांव ले जा रहे थे। इधर, हरियाणा में असलम ने भी यही बयान दिया था। 

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