लखनऊ के नगर निगम के तीन कर्मचारी निलंबित

लखनऊ। विवादों में चल रहे नगर निगम लेखा विभाग के तीन कर्मियों को शनिवार को निलंबित कर दिया गया। निलंबित कर्मचारियों में द्वितीय श्रेणी लिपिक राहुल श्रीवास्तव, आशीष श्रीवास्तव और विनोद यादव हैं।लखनऊ के नगर निगम के तीन कर्मचारी निलंबित

शासन के निर्देश पर नगर आयुक्त डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने यह कार्रवाई की है। इनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने के लिए भी कहा गया है। निलंबित कर्मचारियों पर लगे आरोपों की जांच अपर नगर आयुक्त अनिल कुमार मिश्र को दी गई है। एक ठेकेदार ने अधिकारियों और कर्मचारियों पर कमीशन लेने का आरोप लगाया था। इसके अलावा दैनिक जागरण ने भी बीते बुधवार को शहरनामा कालम में त्रिदेव शीर्षक से इशारे में इन कर्मचारियों के कारनामों को बताया था। इन पर कर्मचारियों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों की चेक बनाने में प्रताड़ित करने का आरोप था और सीट से गायब रहते थे। इसके अलावा मृत सफाई कर्मचारियों के परिवारीजन को अंत्येष्टि के लिए मिलने वाली रकम भी नहीं दे रहे थे।

प्रमुख सचिव नगर विकास मनोज कुमार सिंह ने शनिवार को ही नगर आयुक्त को कार्रवाई कर बताने को कहा था। दो दिन पूर्व ही प्रमुख सचिव नगर विकास ने नगर निगम से इन तीनों कर्मचारियों की लेखा विभाग में तैनाती का ब्योरा मांगा था और माना जा रहा था कि इन पर कोई कड़ी कार्रवाई होगी।

बड़े बच गए कार्रवाई से

कर्मचारी तो चेक बनाते थे लेकिन असली खिलाड़ी तो अफसर थे जो चेक पर हस्ताक्षर करते थे। भुगतान की पत्रावली को तैयार कराने में भूमिका निभाने वाले लेखा विभाग के कई अधिकारी भी जिम्मेदार हैं। अपर नगर आयुक्त मनोज कुमार के कक्ष में हंगामा करने वाले ठेकेदार सुभाष सेठी ने कैमरे के सामने यह आरोप लगाया था कि 15 लाख का भुगतान कराने के लिए वित्त नियंत्रक रहे निजलिंगप्पा ने 60 हजार रुपये चेक बाबू के माध्यम से लिए हैं और नगर विकास मंत्री से भी शिकायत की थी। हालांकि पूर्व वित्त नियंत्रक निजलिंगप्पा ने आरोपों को खारिज कर दिया था।

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