ये है मोटापा दूर करने वाली अनोखी कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी

आधुनिक जीवन शैली के कारण मोटापे की समस्या आम हो गई है और अपने शरीर को फिट रखना बहुत मुश्किल हो गया है। हमारे शारीरिक आकार को आत्म विश्वास से जोड़ा जाता रहा है। लेकिन आधुनिक जीवन शैली के कारण मोटापे की समस्या एक आम समस्या हो गई है और अपने शरीर को फिट रखना बहुत मुश्किल हो गया है। शरीर फिट रहे इसके लिए हमें कई प्रकार का इलाज करना पड़ता है, जिनमें जीवनशैली में सुधार (ऊर्जा की मात्रा लेने में कमी और शारीरिक गतिविधियों में वृद्धि, शल्य चिकित्सा) प्रमुख है।
दरअसल, मोटापा एक दीर्घकालीन बीमारी मानी जाती है और इसके चलते हमारे शरीर में एक साथ कई तरह की बीमारियां होती हैं। मोटापा आपके लिए दीर्घकालीन बीमारी न हो, इसके लिए खास तरह के इलाज की आवश्यकता होती है। ऐसा माना जाता है कि हमारे विचार हमारी भावनाओं और व्यवहार को प्रभावित करते हैं, न कि बाहरी चीजें, जैसे कि लोग, परिस्थितियां और घटनाएं इसी पर कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी आधारित है।
दरअसल, मोटापा एक दीर्घकालीन बीमारी मानी जाती है और इसके चलते हमारे शरीर में एक साथ कई तरह की बीमारियां होती हैं। मोटापा आपके लिए दीर्घकालीन बीमारी न हो, इसके लिए खास तरह के इलाज की आवश्यकता होती है। ऐसा माना जाता है कि हमारे विचार हमारी भावनाओं और व्यवहार को प्रभावित करते हैं, न कि बाहरी चीजें, जैसे कि लोग, परिस्थितियां और घटनाएं इसी पर कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी आधारित है।
‘ए कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी’ संबंधी अध्ययन अमेरिका के क्लिनिकल न्यूट्रीशन जर्नल में प्रकाशित हुआ है। अध्ययन बताता है कि इसको अपनाने से ज्यादा वजन और मोटापे से ग्रस्त किशोरों के शरीर में सुधार होता है। वहीं जर्नल ऑफ अमेरिकन डायटेक्टिक एसोसिएशन में प्रकाशित एक अन्य अध्ययन बताता है कि कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी (सीबीटी) युवाओं और उनके परिवार के सदस्यों में खानपान संबंधी एक अच्छी आदत और शारीरिक गतिविधि के लिए प्रोत्साहित करती है।
अगर हम कुछ चीजों का ध्यान करें, तो कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी हमारे लिए काफी लाभदायक हो सकती है। एक सर्वेक्षण बताता है कि 75 प्रतिशत से ज्यादा लोग सही तरह से खानपान नहीं होने को लेकर शर्मिंदा महसूस करते हैं। एक स्वास्थ्यवर्धक भोजन की आदत शुरू करने में सबसे बड़ी बाधा शर्मिंदगी महसूस करना होता है। यदि आपने उच्च स्तर के फैट वाले भोजन के सेवन का निर्णय भी लिया है, तब भी आप अच्छा सोचें। उसका आनंद उठाएं। लेकिन कोशिश करें कि दिन के बाकि के समय में कम फैट वाले भोजन के सेवन का प्रयास करें। खुद को प्रेरणा देते रहने से टाइप 2 डाइबिटीज से पीड़ित महिलाओं को वजन कम करने और ग्लाइसेमिक को नियंत्रित करने में मदद मिलती है।
खुद को प्रोत्साहित करते रहने या इस प्रकार के किसी वर्कशॉप में जाने से छह माह के अंदर वजन कम करने और मेटाबॉलिक को नियंत्रित करने में बड़े स्तर पर मदद मिलती है। कभी- कभी हम अपनी डाइट को सही नहीं रख पाते, इससे हमारी डाइट का नियम बिगड़ जाता है। अत: आपको इससे निपटने की कला आनी चाहिए। सीबीटी का उपयोग कम हो चुके वजन को फिर से पाने और वजन को नियंत्रित रखने में किया जा सकता है। इस पर ध्यान देने की जरूरत है कि डाइट लचीले दिशानिर्देशों का एक संग्रह है। सीबीटी आपको खुद के प्रति अच्छा महसूस करने में मदद कर करता है। याद रखें कि सुंदरता मन से आती है, न कि आपके शरीर से। खुद को खुश रखने के लिए कुछ अच्छी चीजें करें।
जब हम तनाव में रहते हैं, तब शरीर से कुछ हार्मोन और एड्रेनलाइन निकलते हैं। इसके कारण एड्रेनल कोर्टेक्स से कोर्टीसोन बाहर आते हैं। इस दौरान बड़ी मात्रा में इन्सुलिन निकलता है। यह फैट को एकत्रित करने वाला हार्मोन है। यहां आपको कॉग्निटिव बिहेवियर थेरेपी की मदद से नकारात्मक विचारों को दूर करने में मदद मिल सकती है।





