रायबरेली की सामूहिक दुष्कर्म पीडि़ता ने पीएम-सीएम को लिखा खून से पत्र

रायबरेली। रसूखदार लोगों से जुड़े मामले में खाकी कार्रवाई करने में नाकाम हो रही है। सामूहिक दुष्कर्म पीडि़ता इंजीनियरिंग छात्रा ने मुख्यमंत्री से भी कई बार गुहार लगाई लेकिन परिणाम शून्य रहा। रविवार को छात्रा ने मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री को खून से पत्र लिखकर दोषियों पर कार्रवाई और परिवारीजनों की रक्षा की गुहार लगाई है।रायबरेली की सामूहिक दुष्कर्म पीडि़ता ने पीएम-सीएम को लिखा खून से पत्र

शहर के कचहरी रोड निवासी सरकारी कर्मचारी की बेटी बाराबंकी में इंजीनियरिंग कर रही थी। मार्च 2017 में लखनऊ के दो युवकों ने उसे जबरन होटल ले जाकर दुष्कर्म किया। उसका मोबाइल छीन लिया। फिर उसे ब्लैकमेल करने लगे। छात्रा ने आपबीती पिता को बतायी तो प्रकरण सामने आया। कालेज प्रबंधन से मदद न मिलने पर पिता ने पुलिस की शरण ली।

दोनों युवकों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पुलिस ने मुकदमा तो दर्ज कर लिया लेकिन आरोपियों को गिरफ्तार करने का प्रयास तक नहीं किया। इसी बात से आजिज आकर रविवार को इंजीनियरिंग छात्रा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को खून से पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। पत्र में लिखा कि पुलिस एक्शन नहीं ले रही है। अगर आरोपी युवकों पर कार्रवाई नहीं हुई तो वह आत्महत्या कर लेगी।

छात्रा के पिता ने बताया कि मुकदमा वापस लेने के लिए उनके ऊपर दबाव बनाया जा रहा है। पुलिस हो या प्रशासनिक अमला, कोई कार्रवाई करने के लिए तैयार नहीं है, चाहे बाराबंकी हो या रायबरेली। यहां तक कि मुख्यमंत्री के आदेश का अनुपालन तक नहीं किया गया। आइपीसी के तहत एक मुकदमा रायबरेली में दर्ज किया गया है। साथ ही फोन कॉल की जांच करायी जा रही है। रही बात बाराबंकी पुलिस की तो वहां की जांच बाराबंकी पुलिस को करना है।

Back to top button