मुख्यमंत्री नीतीश के काफिले में पथराव, नहीं था कोई संयोग, सब थी साजिश

पटना। विकास समीक्षा यात्रा के दौरान बक्सर जिले के नंदन गांव में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के काफिले पर पथराव करने की साजिश पहले से रची गई थी। गांव से निकलने के क्रम में पडऩे वाले मोड़ के पास आलू के खेत में पत्थर रखे गए थे। सीएम के कारकेड की गाडिय़ों की स्पीड जैसे ही कम हुई, पथराव शुरू हो गया।मुख्यमंत्री नीतीश के काफिले में पथराव, नहीं था कोई संयोग, सब थी साजिश

सवाल उठता है कि आलू के खेत में पत्थर कैसे आए? आसपास की छतों से भी पत्थर फेंके गए हैं। अनुसंधान में इस तरह की चौंकाने वाली रिपोर्ट आने से प्रशासनिक महकमा चकित है। अब सवाल यह भी है कि मुख्यमंत्री जिस गांव में गए थे उसमें पहले से ही पथराव की तैयारी चल रही थी और खुफिया तंत्र को इसकी भनक तक नहीं लगी।

चौंकाने वाली बात सामने आ रही है। मुख्यमंत्री के गांव में जाने के एक दिन पहले मीटिंग हुई थी। उसी में पथराव की रणनीति बनी थी। सूत्र बताते हैं कि 28 लोगों को वीडियो फुटेज और तस्वीर से पहचान कर गिरफ्तार किया गया है। गिरफ्तार लोगों के बयान से कई राज खुल रहे हैं। सभी के मोबाइल डिटेल्स को खंगाला जा रहा है। इसमें मुख्यमंत्री के गांव में आने के पहले से लेकर पथराव की घटना के दूसरे तक हुई बातचीत का ब्योरा निकाला जा रहा है।

इस मामले में बक्सर डीएम, एसपी, एसडीएम, डीएसपी, मुख्यमंत्री के कार्यक्रम में तैनात दंडाधिकारी, पुलिस अधिकारी सहित 50 से अधिक अधिकारियों से पूछताछ की गई है। जांच दल ने बक्सर के निवासियों से घटना से संबंधित फुटेज मांगा है, इसमें घटना की कई रिकॉर्डिंग सामने आई है।

जांच अधिकारी भी चौंक गए हैं। कई नामजद फरार हैं। उनके भी मोबाइल के कॉल डिटेल्स पुलिस खंगाल रही है। पथराव के समय ‘पुलिस वालों पर पत्थर मत चलाओ’ की आवाज भी आ रही थी। इस आवाज का मतलब निकालने में जांच दल जुटा है। जांच दल के पास किसी के उकसाने पर ग्रामीणों द्वारा घटना को अंजाम देने के साक्ष्य मिले हैं।

मुख्यमंत्री जिस गांव में गए वहां के वार्ड छह और सात में हर घर नल का जल, शौचालय आदि सुविधा है। एक वार्ड में पक्की सड़क बन गई है तथा दूसरे वार्ड में निर्माण के लिए राशि वार्ड कमेटी के फंड में चली गई है। जांच दल यह पता करने में जुटा है कि उस गांव में शराब के साथ कुछ लोगों की गिरफ्तारी कुछ दिन पहले हुई थी, इस कारण गांव का माहौल गड़बड़ हुआ था। कहीं शराब माफिया का भी तो इस पथराव में हाथ नहीं है!

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