आरोपी ने खुद बताया, की कैसे 6 साल की मासूम को घर से उठाया और कैसे 24 सेंटीमीटर की लकड़ी घुसाकर की हत्या

6 साल की मासूम से रेप और फिर उसके गुप्तांग में 24 सेंटीमीटर की लकड़ी घुसाकर उसकी हत्या। दरिंदगी की सारी हदें पार कर दी। पढ़िए कबूलनामा…

मामला हरियाणा के हिसार की है। एसआईटी ने मासूम के साथ दरिंदगी के आरोपी 19 वर्षीय सोमपाल को शुक्रवार सुबह घटनास्थल पर ले जाकर क्राइम सीन रिक्रियेट किया। जिसमें अपराध करने की घटना को उसी तरह से दोहराया गया। एसआईटी इंचार्ज डीएसपी जयपाल सिंह टीम समेत आरोपी सोमपाल को उकलाना में उस जगह पर ले गए। जहां बच्ची से शर्मनाक हरकत हुई थी। पुलिस ने उससे पूछताछ भी की।

आरोपी ने पुलिस कर्मियों के आगे चलते-चलते पूरी घटना को उसी तरह से दिखाया। जिसमें बताया कि उसने बच्ची को कहां दबोचा था। उसके बाद वह गली में आगे बढ़ा और बताया कि उसने यहां बच्ची से गलत काम किया था। फिर उसने कुछ दूरी पर चलकर पैर से इशारा करते हुए बताया कि यहां से एक लकड़ी उठाकर बेहद शर्मनाक हरकत की थी। जिससे बच्ची लहूलुहान हो गई थी। बच्ची बेहोश होने पर वह फरार हो गया था। फिर उसकी मौत हो गई थी। 

स्मैक नशेड़ी है आरोपी
पुलिस सूत्रों की मानें तो सोमपाल ने अपराध की साजिश कई दिन पहले रच ली थी। स्मैक के नशे का आदी है। उसने बच्ची को कई बार टॉफी दी थी। जिससे बच्ची उस पर विश्वास करने लगी थी। घटना वाली रात करीब 12 बजे छत पर ऊंची आवाज में सोमपाल ने डेक बजाया था। वह नीचे उतरकर गली में आया था। बच्ची की मां बाहर आई थी और आरोपी को देखकर अंदर चली गई थी। उसे नींद आ गई थी।

 
सोमपाल का मानना था कि डेक पर तेज गाने बजने पर मासूम को नींद में खलल होगा। कुछ देर बाद बच्ची झुग्गी से बाहर निकली तो सोमपाल ने उसे दबोच लिया था और पास में उससे गलत काम किया था। फिर उसने कुछ दूरी पर पड़ी एक लकड़ी उठाई थी और बच्ची के संवेदनशील अंगों में डाल दी थी। परिजनों को 9 दिसंबर की सुबह गली में बच्ची का शव मिला था। उकलाना थाना पुलिस ने इस संबंध में हत्या और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। 

 
आधार कार्ड में नाबालिग
5 साल की बच्ची से दरिंदगी के आरोपी सोमपाल को पुलिस बालिग मान रही है जबकि आधार कार्ड में उसकी जन्म तिथि 1 जनवरी 2000 अंकित है। आधार कार्ड के मुताबिक वारदात वाले दिन 9 दिसम्बर को उसकी आयु 17 वर्ष व 21 दिन थी। वहीं पुलिस ने उसे जुवेनाइल जस्टिस बोर्ड के सामने पेश न करके सीधे सिविल जज की कोर्ट में पेश किया है।

 

 

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