ये है कहानी एक रात की दुल्हनों और उनके दलालों की

लोग कहते हैं एक उम्र के बाद शादी कर लेनी चाहिए. क्योंकि एक उम्र के बाद अकेले रहना दुखद होता है. लेकिन हर व्यक्ति की शादी आसानी से नहीं होती. लड़कियां ऐसे पति चाहती हैं जो कमाएं. लड़के का खाली बैठना नहीं चलता, लड़की का चल जाता है. बेरोजगार मर्द प्रेम और विवाह के सुख से वंचित रह जाएंगे, ये डर उन्हें अपने लिए पत्नियां खरीदने तक को मजबूर कर देता है.

ये है कहानी एक रात की दुल्हनों और उनके दलालों कीराजस्थान में दलालों का एक बड़ा रैकेट चल रहा है. अखबार दैनिक भास्कर की एक पड़ताल ने इस रैकेट का पर्दाफाश किया. जो सामने आया, उसे जानकर हम रिश्तों और शादियों की अनिवार्यता पर सवाल उठाने लगते हैं.

राजस्थान के तीन जिलों- झुंझुनूं, सीकर और चुरू में लगभग 10 से 12 हजार दुल्हनें हैं, जो शादी के बिजनेस में हैं. राज्य में दलालों का एक सर्किट है. ये बेरोजगार मर्दों की पहचान करते हैं. खासकर जो ज्यादा अमीर परिवारों के नहीं होते. ज़ाहिर सी बात है, लड़के की तंगी देखकर कोई लड़की उनसे शादी करने को राजी नहीं होती. ये दलाल उन्हें भरोसा दिलाते हैं कि उन्हें पत्नी मिल सकती है. मगर उसके लिए उन्हें पैसे ढीलने होंगे.

एक से दो लाख रुपए प्रति दुल्हन ये दलाल ले लेते हैं. फिर जो होता है, वो फ़िल्मी है.

1. राजस्थान में 500 से ज्यादा दलाल काम कर रहे हैं. ये सबसे पहले उन्हें पकड़ते हैं, जो बेरोजगार और अकेले हैं. साथ ही शादी करना चाहते हैं.
2. लड़की की तस्वीर लड़के और उसके घरवालों को दिखाते हैं. उन्हें समझाते हैं कि रिश्ता अच्छा है और ऐसी लड़की उन्हें दोबारा न मिलेगी. घरवालों का विश्वास जीतने के लिए लड़की का जाली आधार कार्ड साथ रखते हैं.
3. मंदिर में या स्टैम्प पेपर पर शादी कर लेते हैं.
4. शादी के बाद या तो दुल्हन भाग जाती है या पुलिस से झूठी शिकायत कर देती है कि उसकी शादी जबरन की गई है. या उसका अपहरण किया गया है.
5. लड़का अपने परिवार के साथ हाथ-पैर मारता है, लेकिन फिर इज्जत के डर से सब शांत हो जाते हैं. किसी को नहीं बताते.

राजस्थान में दूसरे राज्यों से दुल्हनें लाने का सिलसिला तीन दशक से चल रहा है, लेकिन 16 नवंबर को पहली बार किसी ने केस दर्ज कराने की हिम्मत दिखाई. पुलिस इसकी जांच कर रही है. भास्कर की पड़ताल में कई ऐसी दुल्हनों के बारे में पता चला, जो नाम बदलकर कई बार शादियां कर चुकी हैं. धौली उर्फ सोनू उर्फ ममता नाम की एक लड़की के बारे में पता चला, जो एक तस्वीर में हरियाणा के सुनील की पत्नी है और दूसरी में झुंझनूं के अजय की. ऐसे कई मामले हैं.

1. झुंझनूं के विनोद को दलाल ने महाराष्ट्र से पत्नी लाकर दी. लेकिन शबनम शादी के अगले ही दिन गहनों के साथ भाग गई. विनोद महाराष्ट्र गया तो उस पर नाबालिग से शादी का केस दर्ज हो गया.
2. झुंझनूं के ही बिजेंद्र की शादी पंजाब की रमंथ के साथ हुई. शादी के जश्न के बीच ही पुलिस आ गई, क्योंकि रमंथ ने पुलिस से कहा था कि उसका किडनैप करके जबरन शादी कराई जा रही है. अब रमंथ और दलाल, दोनों गायब हैं.
3. सीकर के भाई नेमीचंद और सुरेंद्र की शादी दलाल ने शुभांगी और खुशी से कराई थी. इन्होंने भी पुलिस से अपहरण की बात कही थी. लेकिन इस बार पुलिस ने परिवार और दलाल से भी पूछताछ की तो मामला सामने आ गया.

शादी के नाम पर ये धोखेबाजी देखकर समझ नहीं आता कि किसके लिए ज्यादा परेशान हुआ जाए. उन लड़कों के लिए, जिन्हें एक साथी का लालच देकर पागल बनाया जाता है. या उन लड़कियों के लिए, जो किसी परिवार की ज़रूरत के साथ इस तरह खेलती हैं. राजस्थान की एक सूरत ये भी है.

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