योग से अकबर तक के विवादित मुद्दों पर जावेद अख्तर का करारा ये जवाब!

नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहल के बाद दुनिया भर में 21 जून को योग एक खास दिवस (अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस) के तौर पर मनाया जाता है। लेकिन भारत में ही योग पर कई तरह के सवाल खड़े होते रहे हैं। ऐसे में कुछ मुस्लिम संगठनों ने तो योग को धार्मिक रंग देते हुए फतवा तक जारी करने की बात की है।
हालांकि मुस्लिम समाज के सभी लोग ऐसे नहीं हैं जो योग का विरोध करते हैं, ऐसे में एक टीवी चैनल के कार्यक्रम में शामिल हुए मशहूर गीतकार जावेद अख्तर ने योग के साथ-साथ अन्य खई मुद्दों पर भी शानदार जवाब दिया है। योग पर फतवा जारी करने को लेकर जावेद अख्तर ने कहा कि वह 72 साल के हैं और योग भी करते हैं, जिसे फतवा जारी करना है, उसका स्वागत है।
तो वहीं अकबर रोड के नाम बदले जाने को लेकर अख्तर ने कहा कि बिना अकबर के देश का इतिहास अधूरा है। उन्होंने कहा कि अकबर बहुत बड़ा आदमी था, ऐसे समय में जब यूरोप में सेक्युलर को समझा जा रहा था तब अकबर ऐसा शहंशाह था जो सेक्युलरिज्म को प्रैक्टिस कर रहा था, अख्तर ने कहा कि मुगल काल में हिंदुस्तान दुनिया का सबसे अमीर देश था।
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इसके साथ ही जावेद ने राष्ट्रवाद के संबंध में पूछे गए एक सवाल के जवाब में कहा कि राष्ट्रवाद राजनीतिक दल और नेता से बहुत बड़ा है, ऐसे में अगर कोई नेता ऐसा सोचता है कि वह देश से बड़ा है तो यह सकी मुगालता है, उन्होंने कहा कि ऐसा हो सकता है कि मैं सरकार से जुड़ा हुआ नहीं हूं, लेकिन देश से मैं हमेशा जुड़ा रहा हूं।





