खास ऑपरेशन के तहत दवा फैक्ट्री के ड्राइवर के घर पहुंची दिल्ली की IT टीम, कहा…

अंबाला। अंबाला में जवान बेटे की मौत से दुखी एक पिता ने जहर खाकर जान दे दी। बैंक कर्मी ने पार्क में जाकर जहर खाया और घर वालों को फोन करके बेटे का बुलावा आने उसके पास जाने की बात कही। आनन-फानन में घर वालों ने उसे अस्पताल में भर्ती कराया, मगर वहां उसने दम तोड़ दिया। पता चला है कि इससे पहले उसका बेटा भी जहर खाकर सुसाइड कर चुका है। बहरहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है। पुलिस पर बेटे की मौत का राज नहीं खोल पाने के आरोप…
– अंबाला कैंट के अग्रसेन नगर के रहने वाले गोपीचंद दुआ के जवान बेटे भरत दुआ ने 3 महीने पहले अपनी कार में ही जहर खाकर जान दे दी थी। भरत का अंबाला में प्रॉपर्टी का अच्छा खासा काम था। उसने किन हालात में जहर खाया, ये बात परिवार के लिए आज भी राज बनी हुई है।
– आराेप है कि दुआ परिवार लगातार पुलिस से भरत की मौत के राज से पर्दा उठाने की गुहार लगा रहा था, लेकिन पुलिस इस मामले में कोई रास्ता नहीं दे रही थी।
– पड़ोसी तुषार कौशिक और दुआ परिवार को जानने वाले अन्य लोगों का कहना है कि इकलौते बेटे द्वारा अचानक आत्महत्या जैसा बड़ा कदम उठा लेने के बाद पिता गोपीचंद अंदर ही अंदर घुट रहा था, शायद इसी के चलते उसने मौत को गले लगा लिया।
– वहीं गोपीचंद के मरहूम बेटे भरत के दोस्त विनायक जैन के मुताबिक सरकारी बैंक में सीनियर अधिकारी के पद पर तैनात गोपीचंद दुआ सुबह अपने घर से निकलकर सेना क्षेत्र के पटेल पार्क में पहुंचा। वहां उसने जहर खा लिया।
– बताया जा रहा है अपनी सांसे उखड़ने से पहले गोपीचंद ने अपने परिजनों को फोन करके जहर खा लेने के बारे में बताया और कहा कि मुझे भरत बुला रहा है मैं उसके पास जा रहा हूं।
– इतना सुनते ही गोपीचंद दुआ के दामाद और दोस्त उसे पार्क से उठाकर अंबाला कैंट के सिविल अस्पताल लेकर आए। डॉक्टर्स ने गोपीचंद दुआ को चंडीगढ़ पीजीआई रेफर किया, लेकिन रास्ते मे ही दम तोड़ दिया।
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– उधर इस बारे में कैंट सदर थाना प्रभारी विजय कुमार का कहना है कि पुलिस ने पार्क में जाकर मौके का मुआयना किया और हालात जाने। परिवार वालों के बयान लेने के बाद पुलिस ने गोपीचंद दुआ के शव का पोस्टमार्टम करवाकर उन्हें सौंप दिया है।





