170 साल से बंद था तहखाना, जब खजाने की खोज में खोला तो ये हाथ लगा
पुष्कर(राजस्थान) .यहां का ब्रह्मा मंदिर इन दिनों चर्चा का विषय बना हुआ है। करोड़ों खर्च कर इसे अहमदाबाद के अक्षरधाम मंदिर की तर्ज पर बनाया जा रहा है। करीब साल भर पहले भी ये मंदिर चर्चा में आया था। जब इसमें एक गुप्त तहखाना मिला था। हालांकि इस तहखाने में एक खाली तिजोरी ही निकली थी।

जानें पूरा मामला…
– 2016 फरवरी माह में पुष्कर के वेणुगोपाल (पुराना रंगजी) मंदिर में 170 साल पुराना तहखाना (बेसमेंट) को खोला गया था। मंदिर प्रबंधकों व नगर वासियों को तहखाने में मंदिर का छिपा हुआ भारी खजाना मिलने की उम्मीद थी। बड़ी मशक्कत से एक भारी भरकम तिजोरी (लोहे का बक्सा) तहखाने से निकाली गई थी। सभी को इस तिजोरी में भारी खजाना मिलने की उम्मीद थी। तिजोरी खाली निकली।
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कैसे खोला गया था तहखाना
लंबे समय से तहखाना बंद होने के कारण पहले उसमें विशेषज्ञों की राय के अनुसार कंप्रेशर के माध्यम से हवा छोड़कर तहखाने से गैस बाहर निकाली गई थी। इस बीच तहखाने में एक लोहे की तिजोरी दिखाई दी थी। करीब चार घंटे तक कंप्रेशर से हवा छोड़ने के बाद अनुभवी श्रमिकों ने एक घंटे में तिजोरी को बाहर निकाला था। तिजोरी खोलकर देखी तो वह खाली थी।





