3 अक्टूबर दिन मंगलवार का पंचांग: जानिए आज किसपे कृपा करेंगे बजरंगबली
●आज का राशिफल●
3अक्टूबर दिन मंगलवार
ऋतु-शरद
माह-आश्विन
सूर्य-दक्षिणायन
सूर्योदय-06:05
सूर्यास्त-05:55
राहूकाल-(अशुभ समय)दोपहर
03:00से04:30 तक
तिथि-त्रयोदशी
पक्ष-शुक्ल
दिशाशूल-उत्तर
अमृत मुहूर्त- दोपहर12:17से01:45 तक
।।आज का राशिफल।।
(चू चे, ची,ला,ली,लू,ले,लो,अ)
?मेष:-आज का दिन आपके लिए सामान्य रहेगा। वाद विवाद में न पड़े। पारिवारिक माहौल आपके अनुकूल रहेगा। व्यापार में मध्यम लाभहोगा।यात्रा मंगल कारी होगी। कोर्ट कचहरी मे फैसलाआपके पक्ष में आ सकता है।
सुझाव:-आज आप श्री हनुमान जी को दूध काभोग अर्पित करें
राशिरत्न:-मूँगा
शुभ रंग:-फिरोजी
(इ, उ, ए, ओ,वा, वि, वी,वू,वे,वो)
?वृष:-आज पारिवारिक विवाद शांत होगा। व्यापार में वृद्धि होगी। अर्थ धा सुधरेगी।ब्राह्मण से यश कीर्ती की प्राप्ति होगी। पारिवारिक प्रेम से उन्नति बनी रहेगी। यात्रा से लाभ होगा।
सुझाव:-आज आप श्री हनुमान जी को घी का दीप से आरती करें।
राशिरत्न:;हीरा, ओपल
शुभरंग:-हरा
(क, की,कू, के,को, घ, छ, ङ,हा)
?मिथुन:-आज आप का दिन मधुर रहेगा। स्वजनों से लाभ होगा। स्थाई संपत्ति में बढोत्तरी होगी।व्यापार में कार्य क्षेत्र मेंअनुकूल लाभ मिलेगा।तीर्थ यात्रा से लाभ होगा।
सुझाव:-आज आप श्री हनुमान जी को चोला अर्पित करें।
राशिरत्न:-पन्ना
शुभरंग:-गुलाबी
(ही, हू, हे, हो,डा, डी, डू, डे, डो)
?कर्क:- आज आपका व्यवहार क्षेत्र आपको रोजगार दे सकता है। व्यक्ति विशेष से मुलाकात होगी। आज पारिवारिक अहम निर्णय लेंगे।व्यापार में लाभ होगा। अर्थ दशा पूर्ववत होगी।
सुझाव:-आज आप श्री हनुमान जी को तुलसी की माला अर्पित करें।
राशिरत्न:-मोती
शुभरंग:-पीला
(म, मी, ही, मू, में, मो, टा, टी, टू, टे)
?सिंह:-आज आपका दिन मंगल कारी बना रहेगा। किन्तु धोखेबाजों से सावधान रहें । अनजान जगह न तो जाएं न ही सलाह दें । पड़ोसियों से मीठा बोलें। पारिवारिक वातावरण खुस नुमा होगा । व्यापार में बड़े लाभ की संभावना बन रही है।
सुझाव:-आज आप श्री हनुमान जीको केशरचन्दन अर्पित करें।
राशिरत्न:-माणिक्य
शुभरंग:-मटमैला
(टो, पा,पी,पू,ष,ड़, ठ ,पे,पि, )
??कन्या:-आज आप को पारिवारिक उलझनें परेशान कर सकती है। किंतु व्यापार में मन चाहा लाभ प्राप्त होगा। धन का खर्च भी अजय की भांति बना रहेगा। मित्रों से सहयोग मिलेगा।
सुझाव:-आज आप श्री हनुमान जी को बेशन के घी युक्त मिष्ठान्न अर्पित करें ।
राशिरत्न:-पन्ना
शुभरंग:-हल्का गुलाबी
(र,री,रु,रे,रो,त,ती, तू,ते,)
⚖तुला:- आज आप का दिन रचनात्मक कार्यों में निमग्न रहेगा। आज आप चोरों से सावधान रहें। उदर पीड़ा की संभावना है। व्यापार में कम लाभ होगा। व्यय की अधिकता बनी रहेगी।
सुझाव:-आज आप भगवान हनुमान जी को पीला सिंदूर अर्पित करें।
राशिरत्न:-हीरा, ओपल
शुभरंग:-जामुनी
(तो, न,नी, नू, ने, नो, या, यी, यू)
?वृश्चिक:-आज का दिन आपके लिए सामान्य रहेगा। भावनाओं में बहने से खुद को रोकें। पारिवारिक सहयोग से आपके कार्य व्यवसाय में वृद्धि होगी। कृषि कार्यों में हानि की संभावना बन रही है। अर्थ दशा सामान्य रहेगी।
सुझाव:-आज आप भगवान हनुमान जी को तुलसी पत्र पर श्री सीताराम लिख कर अर्पित करें।
राशिरत्न:-मूँगा
शुभरंग:-फिरोजी
(ये, यो, भा, भी, भू, ध, फ़,ढ, भे)
?धनु:-आज का दिन आपके व्यापार के लिए बहुत अहम है। सन्तान के दायित्वों की पूर्ती होगी।गृहोपयोगी वस्तुओं में वृद्धि होगी।दिया हुआ उधार आज आपको मिल सकता है।पारिवारिक वातावरण खुशनुमा रहेगा।
सुझाव:-आज आप श्री हनुमान जी को गुड़ व मेवा अर्पित करें ।
राशिरत्न:-पीलापुखराज
शुभरंग:-नारंगी
(भो,जा,जी,जू,जे,जो,ख,खी,खू,खे, खो,ग,गी )
?मकर:-आज आपका व्यापार प्रभावित रहेगा। दिन भर के कठिन परिश्रम से ही धनार्जन संभव है। व्यक्ति विशेष से हानि की संभावना बन रही है। किंतु यात्रा से लाभ होगा। खोया धन वापस मिल सकता है।
सुझाव:-आज आप भगवान श्री हनुमान जी को लाल वस्त्र अर्पित करें।
राशिरत्न:-नीलम
शुभरंग:-लाल
(गू, गे, गो,सा, सी,शी, से,सो,दा )
?कुंभ:-आज आपको चतुर्दिक लाभ मिलेगा व्यापार में लाभ होगा। मित्रों व पड़ोसियों के सहयोग से रुके कार्य सम्पादित होंगे। जीवन साथी का स्वास्थ्य प्रभावित रह सकता है। शिक्षा क्षेत्र में मन चाहा विकास होगा।
सुझाव:-आज आप पीले फलों का भोग भगवान श्री हनुमान जी को अर्पित करें।
राशिरत्न:-नीलम
शुभरंग:-सुनहला
(द,दे,दो,दी,थ, दू,झ,च,ची )
?मीन:-आज का दिन लाभ पर्द रहेगा। पारिवारिक प्रसन्नता बनी रहेगी। घर में मांगलिक कार्य का सम्पादन होगा। अतिथियों का आगमन होगा। व्यापार में थोड़ा उतार चढ़ाव रहेगा। वाहन से चोट चपेट की संभावना है।
सुझाव:-आज आप श्री हनुमान जी को चमेली का तेल अर्पित करें।
राशिरत्न:-पीलापुखराज
शुभरंग:-फिरोजी
।। आज के दिन का विशेष महत्व।।
1आज आश्विन माह त्रयोदशी तिथि शुक्लपक्ष
2 आज भौम प्रदोष व्रत है।
।।प्रेरणा दाई चौपाई।।
कहहु भगति पथ कवन प्रयासा।
जोग न मख जप तप उपवासा।।
अर्थ:-श्री राम चरित्रमानस में गोस्वामी तुलसी दास जी वर्णन करते हैं कि भला भक्ति पथ में क्या प्रयास है। परिश्रम तो होता है योग में, प्राणायाम आदि में, यज्ञ में, जप करने में माला फेरनी पड़ती है, तपस्या करने में तकलीफ सहनी पड़ती है, उपवास में भूखा रहना पड़ता है। किंतु किसी की भक्ति करने व प्रेम करने में क्या परिश्रम। हैं भक्ति अथवा प्रीम में तब परिश्रम है जब उसको अपने या अपने को उससा बनाना चाहें तब। “अस्तु भक्ति और प्रेम दोनो स्वतंत्र है इनमें शर्त नहीं होती केवल समर्पण होता है।”
।।वास्तु टिप।।
घर में नित्य हवन होने से प्रबल से प्रबलतम वास्तु दोष का नाश होता है व सकारात्म ऊर्जा उस घर में बनी रहती है
।।आप सबका मंगल हो।।
।।इति शुभम्।।
।।आचार्य स्वामी विवेकानन्द।।
।।ज्योतिर्विद व श्रीरामकथा, श्रीमद्भागवत कथा प्रवक्ता।।
।।श्री अयोध्या धाम।।
संपर्क सूत्र:-9044741252





