राजस्थान: बहन ने जिसे बताया भाई उसका कर दिया अंतिम संस्कार, शाम को जिंदा लौट आया

जोधपुर. बहन ने जिस भाई की शिनाख्त कर सोमवार दोपहर को अंतिम संस्कार करवा दिया था। वह शाम को जिंदा वापस लौट आया। उसे वापस जिंदा देखकर पुलिस के साथ ही सब चौंक गए। इस मामले में जहां पुलिस ने लाश की पहचान करने वाली बहन को इस बात के लिए जिम्मेदार ठहराया है। वहीं, लाश की सुपुर्द्रगी को लेकर पुलिस की लापरवाही सामने आई है। 
राजस्थान: बहन ने जिसे बताया भाई उसका कर दिया अंतिम संस्कार, शाम को जिंदा लौट आया

कौन था जिसकी लाश का कर दिया अंतिम संस्कार…

जानकारी के मुताबिक, दो दिन पहले लालगढ़ पुलिस थाना के गांव में पेड़ पर एक युवक की लाश लटकती हुई मिली थी। इस बारे में पुलिस ने अखबारों में भी ऐड करवाया था। जिसके बाद राजो देवी नाम की महिला सोमवार को थाना पहुंची और लाश की शिनाख्त अपने 35 साल के भाई कालूराम नायक के तौर पर की। इसके बाद पुलिस ने लाश को उसे सौंप दिया। दोपहर को लाश का अंतिम संस्कार कर दिया, लेकिन शाम को उसका भाई जिंदा वापस आ गया।

बहन बोली- भाई जैसे लग रहा था

राजोदवी ने बताया कि मृतक उसके भाई जैसे लग रहा था और उसके भाई का फोन स्विच ऑफ आ रहा था। इसलिए उसे लगा कि उसका भाई ही है, लेकिन दोपहर को युवक के लाश का अंतिम संस्कार करने के बाद एक बार फिर से कालूराम को फोन किया तो उसने फोन उठा लिया। इस पर यह कहकर उसे वापस बुलाया कि उसकी बहन की तबीयत अचानक खराब हो गई है। शाम को कालूराम घर पर पहुंच गया।

 पत्नी के साथ हरियाणा गया था कालूराम

कालूराम ने बताया कि वह अपनी पत्नी सुमन के साथ हरियाणा गया हुआ था। पीछे से उसका फोन स्विच ऑफ हो गया था। आज ही उसने फोन ऑन किया था। तभी उसकी बहन की तबीयत खराब होने की खबर मिली।

ऐसे हुई गफलत

बहन ने जिस भाई की शिनाख्त करके सोमवार दोपहर को अंतिम संस्कार करवाया था। वह अपना फोन कभी-कभार ही उठाता था। इसी कारण काफी वक्त से बातचीत नहीं होने पर गफलत पैदा हो गई। हालांकि, इस पूरे मामले में पुलिस ने भी काफी लापरवाही बरती। पुलिस को मामले की पूरी तरह जांच करके ही लाश की सुपुर्दगी करनी चाहिए थी। हालांकि, गलती किस लेवल पर हुई है। यह मामले की जांच के बाद ही पता लगेगा।

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कालूराम को देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए

पुलिस ने बताया कि राजोदेवी को पहले फोन पर फोटो दिखाई इसके बाद मोर्चरी में ले जाकर भी शिनाख्त कराई गई। तब तक वह अपने भाई का ही लाश मानती रही। राजोदेवी के साथ इलाके के पब्लिक रिप्रेसेंटेटिव्स को देखकर पुलिस ने भी ज्यादा पूछताछ नहीं की। कालूराम के परिजनों ने जब कालूराम को बुलाकर पुलिस के सामने खड़ा कर दिया तो यह देखकर पुलिसकर्मी भी हैरान रह गए।
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