राजस्थान: 7 लोगों पर चढ़ा दी तेज रफ्तार बोलेरो, कहा- कभी न भुला सकूंगा ये हादसा

  • धौलपुर.करौली-धौलपुर हाइवे पर सरमथुरा बाइपास के खरेर नदी के पास सुबह करीब साढ़े तीन बजे दर्दनाक हादसे में 7 लोगों की मौत हो गई। मरने वाले सभी एक ही परिवार से हैं। हादसा सुबह उस वक्त हुआ, जब श्रद्धालुओं का जत्था हाईवे स्थित एक ढाबा पर चाय पीने के लिए रुका हुआ था। तेज रफ्तार बोलेरो ड्राइवर ने श्रद्धालुओं पर पीछे से गाड़ी चढ़ा दी। हादसा इतना भयंकर था कि ध्वजा का बॉस बोलेरो वींड स्क्रीन को तोड़ते हुए अंदर घुस गया।
    राजस्थान: 7 लोगों पर चढ़ा दी तेज रफ्तार बोलेरो, कहा- कभी न भुला सकूंगा ये हादसा

    ड्राइवर बोला- ये दुख कभी न भुला सकूंगा…

    बोलेरो ड्राइवर पप्पू कुशवाह उसके गांव कुनकुटा (बसेड़ी) से देर शाम 7 बजे पकड़ा गया। पप्पू सुबह घटना के बाद से ही फरार था। पुलिस के मुताबिक, ड्राइवर कुनकुटा से 7 लोगों को कैलादेवी दर्शन कराने के लिए ले जा रहा था। ड्राइवर ने पूछताछ में बताया कि तेज स्पीड और सड़क किनारे ट्रक खड़ा होने के कारण लोग दिखाई नहीं दिए। उसने कहा कि इस हादसे का दुख वह कभी नहीं भुला पाएगा।

     चाय पीने के लिए रुके थे, जो 3 ढाबे पर गए वो बचे

    – सुबह तड़के हुए हादसे में अट्ठारह श्रद्धालुओं के दल में से तीन श्रद्धालु ही सलामत बचे हैं, जो चाय की बोलने के लिए ढाबा पर गए हुए थे।
    – हादसे में मानदेई पत्नी लीलाधर उम्र 35 वर्ष, कुंवर सिंह पुत्र पूरनसिंह उम्र 25 वर्ष, ईश्वर देई पत्नी कुंवर सिंह उम्र 22 वर्ष, लक्ष्मण पुत्र ग्यासीराम उम्र 30 वर्ष, मधु पुत्री भूरा उम्र 15 वर्ष, रश्मि पुत्री टीकाराम उम्र 14 वर्ष व धमेंद्र पुत्र भीमराज उम्र 14 वर्ष की मौत हो गई।
    – हादसे में मृतक कुंवर सिंह व ईश्वर देई पति पत्नी हैं व मृतक धमेंद्र मृतक लक्ष्मण का भांजा है, जो छह बहनों का इकलौता भाई है।
    – वहीं हादसे में लीलाधर पुत्र ग्यासीराम उम्र 40 वर्ष, सीमा पुत्री भूरा उम्र 12 वर्ष, शशि पुत्री रामसिंह उम्र 17 वर्ष, सुंदरसिंह पुत्र रामसिंह उम्र 16 वर्ष, नीरज पुत्र लीलाधर उम्र 19 वर्ष, राजा बेटी पुत्री लीलाधर उम्र 21 वर्ष गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का उपचार करौली व धौलपुर के अस्पताल में किया जा रहा है।

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    दो साल पहले ही हुअा था हादसा

    – चश्मदीदों के मुताबिक, बोलेरो में एक महिला सहित तीन लोग सवार थे, जो फरार हो गए। पीड़ित परिवार के युवक टीकाराम ने बताया कि संयोग से दो साल पहले सप्तमी को ही लक्ष्मण का एक्सीडेंट हुआ था। फिर से हादसा न हो इसलिए परिवार ने सप्तमी को चामुंडा माता मंदिर वीलौनी पर ध्वजा चढ़ाने की बोला था।
    – सप्तमी को ध्वजा चढ़ाने जाते समय सरमथुरा के निकट सड़क हादसा का शिकार हो गया। हादसे में एक ही परिवार के छह लोगों सहित मृतक लक्ष्मण के इकलौते भांजे की भी मौत हो गई।
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