बीएचयू: शिवसेना का मोदी से सवाल, और कब तक रहेंगे खामोश

मुंबई. शिवसेना भले ही महाराष्ट्र में भाजपा सरकार की साझीदार हो, लेकिन वह अपनी सहयोगी पार्टी पर हमला करने का कोई मौका नहीं चूकती. शिवसेना ने अपने मुखपत्र के जरिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से बीएचयू में छात्राओं पर लाठीचार्ज, लगातार बढ़ती पेट्रोल—डीजल की कीमतों आदि को लेकर सवाल पूछे हैं. शिवसेना ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कामकाज को लेकर उन पर हमला बोला है.
सौभाग्य योजना के बहाने शिवसेना ने उन पर तंज करते हुए पूछा कि क्या बीएचयू छात्राओं पर पुलिस लाठीचार्ज उनका ‘सौभाग्य’ है जिन्होंने बड़ी आकांक्षाओं के साथ उन्हें प्रधानमंत्री चुना है. दिसंबर 2018 तक उन चार करोड़ से अधिक घरों में बिजली पहुंचाने के लिए 16 हजार करोड़ रुपये की ‘सौभाग्य’ योजना की शुरूआत की थी, जहां अभी तक रोशनी नहीं पहुंची है.
अगर आप आठवीं पास हैं तो मोदी सरकार आपको देगी 10 लाख…!
शिवसेना के मुखपत्र ‘दोपहर का सामना’ में प्रकाशित संपादकीय में पार्टी ने प्रधानमंत्री पर यह टिप्पणी की है. इसमें लिखा है कि महंगाई दानव बन गई है और आप मौन हैं. पेट्रोल और डीजल के दाम आसमान पर हैं और आप मौन हैं. व्यवस्था में सुधार के नाम पर लोग असहाय हैं और आप मौन हैं. शिवसेना के सवाल यही पर थमे और बीएचयू मामले को लेकर भी उसने मोदी पर जोरदार हमला बोला. मुखपत्र के संपादकीय में शिवसेना ने कहा कि देश की बेटियों पर लाठीचार्ज किया जा रहा है और आप मौन हैं. आपके पार्टी कार्यकर्ता उत्पात मचा रहे हैं. आप कब तक मौन रहेंगे? इस लेख में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के संसदीय क्षेत्र की छात्राओं पर ऐसी घटना को लेकर उन्हें खूब खरी—खरी सुनाई है. इतना ही नहीं मोदी पर अपनी सरकार के तीन साल के दौरान जुमले गढ़ने का आरोप भी मढ़ा है.
शिवसेना ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार की निष्क्रियता को लेकर भी सवाल किए हैं. उसने उत्तर प्रदेश के साथ ही मध्य प्रदेश में भी गुंडाराज होने की बात कही है. शिवसेना ने सवाल किया है, ”छात्रों ने केवल यह मांग की थी कि बीएचयू परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाये जाएं और आरोपियों को गिरफ्तार किया जाए.
क्या उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करना सही था?” पार्टी ने प्रधानमंत्री के लिए कहा, ”आपने सही से दो बार सोचे-समझे बिना ऐसे कदम उठाये जिनसे देश में तूफान आ गया, लेकिन जहां तक जनता की चिंताओं की बात है तो आपने केवल ‘जुमले’ गढ़े.” शिवसेना के मुताबिक, ”आपने अपने कार्यकर्ताओं से कहा कि सत्ता खुशी के लिए नहीं है बल्कि जनता की सेवा के लिए है. लेकिन अगर वे आपसे पूछते हैं कि आपने पिछले तीन साल में क्या सेवा की है तो आपका क्या जवाब होगा.”
पार्टी ने उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा, ”जहां तक उत्तर प्रदेश सरकार की बात है तो वहां रहने वाले लोग भी नहीं जानते कि कौन सत्ता में है.” संपादकीय कहता है, ”लोग अचरज में हैं कि क्या वहां सरकार है भी. वे संशय में हैं कि कानून व्यवस्था का राज है या गुंडाराज है. इस रहस्य को सुलझाने के लिए अंतरराष्ट्रीय मदद ली जा सकती है.” शिवसेना ने यहां तक आरोप लगाया कि केवल उत्तर प्रदेश में नहीं बल्कि मध्य प्रदेश और भाजपा शासित सभी राज्यों में गुंडाराज फैला है.





