जयपुर.फिल्म पद्मावती को लेकर राजस्थान में जो विरोध हो रहा है, उसमें मंगलवार को नया मोड़ आ गया। न्यूज चैनल ‘आज तक’ के स्टिंग में दावा किया गया है कि संजय लीला भंसाली को थप्पड़ मारने और सेट जलाकर इस फिल्म का विरोध के पीछे असली मंशा इतिहास से छेड़छाड़ रोकने की नहीं, बल्कि कुछ और है। चैनल का दावा है कि फिल्म मेकर के लोकेशन मैनेजर बनकर गए रिपोर्टर ने श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के पदाधिकारियों से संपर्क साधा तो उन्होंने डेढ़ करोड़ रुपए मांगे और बदले में हर तरह के विरोध से पूरी सुरक्षा दिलाने का वादा किया। स्टिंग में करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी और मुंबई स्थित सेना के संयोजक उम्मेद सिंह बातचीत करते दिख रहे हैं। स्टिंग सामने आते ही गोगामेड़ी ने जयपुर में प्रेस कांफ्रेंस कर इन सभी दावों को खारिज करते हुए कहा कि बातचीत को तोड़-मरोड़ कर दिखाया गया है। लेन-देन की कोई बात नहीं हुई। हम मानहानि का मुकदमा करेंगे।
जानिए क्या है पूरा मामला…
उम्मेद सिंह -बोले- 50 गनमैन, 150 बाउंसर 5 माह के लिए मांगे थे, हमने इसका चार्ज डेढ़ करोड़ रुपए बताया था
करणी सेना के मुंबई में संयोजक उम्मेद सिंह ने कहा-एक व्यक्ति से मेरी मुंबई में मुलाकात हुई थी। उसने कहा था कि औरंगजेब फिल्म की राजस्थान में शूटिंग करना चाहते हैं, लेकिन विरोध होगा। उसने 50 गनमैन व 150 बाउंसर उपलब्ध कराने को कहा था। उसने कहा था- 5 माह शूटिंग चलेगी, चार्ज क्या होगा। मैंने डेढ़ करोड़ रु. चार्ज बताया। मेरी पद्मावती फिल्म को रिलीज कराने के लिए कोई बात नहीं हुई और ना ही मैंने इसके लिए पैसे मांगे। वीडियो गलत है। मैंने उसको कहा था कि पद्मावती फिल्म की शूटिंग के दौरान वहां पर विरोध हुआ था।
सुखदेव गोगामेड़ी- पैसे और पद्मावती की कोई बात ही नहीं हुई, चैनल ने सब मनगढ़ंत और तोड़-मरोड़ कर दिखाया
– चैनल ने मनगढ़ंत और तोड़-मरोड़कर दिखाया है। चैनल पर मानहानि का मुकदमा करूंगा। पैसों और पद्मावती की तो कहीं बात ही नहीं हुई। इसके पीछे हमसे अलग हो चुके एक राजपूूूत नेता का हाथ है। उन लोगों ने औरंगजेब पर फिल्म बनाने के लिए बाउंसर, सिक्योरिटी गार्ड उपलब्ध कराने की मांग की थी। मैंने उनसे उम्मेद सिंह से मिलने के लिए कहा था। उम्मेद सिंह की मुंबई में सिक्युरिटी एजेंसी है। उसने 6 माह तक फिल्म शूटिंग के लिए सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराने के बदले डेढ़ करोड़ मांगे थे।
स्टिंग में ये दिख रहा है…
– चैनल ने स्टिंग में दिखाया है कि उनका रिपोर्टर एक फिल्म मेकर का लोकेशन मैनेजर बनकर औरंगजेब पर फिल्म बनाने को लेकर श्री राष्ट्रीय राजपूत करणी सेना के अध्यक्ष सुखदेव सिंह गोगामेड़ी से मिला और फिल्म में एक राजपूती महिला के एक चरित्र को लेकर संभावित विरोध होने पर सिक्योरिटी का आग्रह किया।
– इस पर स्टिंग में गोगामेड़ी को यह कहते दिख रहे हैं कि मुंबई में उनके संगठन के संयोजक उम्मेद सिंह हैं, उनसे बात कर लो। इसके बाद जब रिपोर्टर ने उम्मेद सिंह से बात की, तो वो डेढ़ करोड़ रुपए में फिल्म के लिए विरोध नहीं होने से सुरक्षा मुहैया कराने की बात कहते दिख रहे हैं। इसके लिए वो 50 सुरक्षा गार्ड उपलब्ध कराने काे कह रहे हैं।
गोगामेड़ी का आरोप- कालवी का विरोध झूठा
गोगामेड़ी ने इसी स्टिंग के दौरान श्री राजपूत करणी सेना के संयोजक लोकेंद्र सिंह कालवी पर भी आरोप लगाए। वे बोले- कालवी ने पहले फिल्म का विरोध किया। वे विरोध के बाद में पैसे ले लेते हैं। यह विरोध ऑरिजनल नहीं था। बाद में उन्हें समझौता लेटर दे दिया गया। हालांकि गोगामेड़ी ने प्रेस क्राफ्रेंस बुलाकर यह सफाई दी कि उन्होंने कभी कालवी को पैसे लेते नहीं देखा।
कालवी का जवाब- सच कैमरे में दिख रहा है
भास्कर ने जब करणी सेना के संयोजक लोकेंद्र सिंह कालवी से गोगामेड़ी के आरोप को लेकर सवाल किया तो उनका कहना था कि सच कैमरे में दिख रहा है। करणी सेना के प्रदेशाध्यक्ष महिपाल सिंह ने कहा-जो आरोप लगा रहे हैं वो वीडियो में खुद आरोपी नजर आ रहे हैं। कालवी साहब का नाम लेकर युवाओं में फूट डालने की कोशिश की जा रही है।