राजस्थान: समुद्र तल से 120 मीटर नीचे है 50 साल पुरानी खदान
सीकर।ये तस्वीर राजस्थान में झुंझुंनू जिले के खेतड़ी कस्बे में ‘खेतड़ी कॉपर’ की 370 मीटर जमीन के अंदर समुद्र तल (जीरो पॉइंट) नीचे की है। यहां समुद्र तल से भी माइनस 120 मीटर नीचे खनन हो रहा है। 50 साल से तांबा निकाला जा रहा है। हर साल खनन करके 11 लाख टन कच्चा माल निकाला जाता है।

खदान में हैं 200 टनल…
– कच्चे माल की प्रोसेस के बाद 11 हजार टन तांबा प्राप्त हो जाता है। इसमें 200 टनल हैं। खेतड़ी कॉपर खदान एशिया की पहली भूमिगत खदान है। अधिकारियों का कहना है कि भूकंपराेधी तकनीक अपनाई गई है, इसलिए खदान भूकंप से पूरी तरह सुरक्षित है।। यहां सबसे ज्यादा तांबा (कॉपर) खनन होता है।
– तांबा पहुंचाने के लिए पटरियां बिछी हुई हैं। खनन वाले स्थान से क्रेशर पॉइंट तक लोडर लगी ट्रॉली से पत्थरों को लाते हैं। क्रेशर में पत्थर के टुकड़े कर कच्चे माल को बाहर भेजते हैं। मुख्य टनल दस किमी तक फैली है। सभी सुरंगों को मिलाए तो क्षेत्रफल के हिसाब से इनकी कुल दूरी 200 किमी से ज्यादा है। यहां 75 साल तक खनन किया जा सकता है। एक पारी में 50 से 80 मजदूर काम करते हैं।
– 10000 कर्मचारी काम करते थे 1987 में यहां। 2001 में यह आंकड़ा घट गया, जब एक साथ 4000 कर्मचारी रिटायर हुए। अभी 2200 काम करते हैं।
30 दिन प्रयासों के बाद कोलकाता हेड ऑफिस से अनुमति तब 50 साल में पहली बार क्लिक हो पाए खदान के फोटो
– फोटो खींचने की अनुमति में 30 दिन लगे। खेतड़ी कॉपर में 20 चक्कर लगाने के बाद इकाई प्रमुख आरके शाह ने विजिट की अनुमति दी। मोबाइल, कैमरा नहीं ले जाने दिया। बॉन्ड भी भराया। इसमें लिखा-किसी भी हादसे के लिए हम खुद जिम्मेदार होंगे।
– 20 दिनों की कोशिशों के बाद शाह ने हमसे लिखित में अनुमति चाहने का पत्र लिया। इसे कोलकाता स्थित हैड ऑफिस भेजा। दो दिन बाद अनुमति मिली। प्रबंधक विपिन शर्मा और डीजीएम डीआर मेहता ने हमें सुरक्षा सामग्री दी और खदान में भेजा। अंदर गहरे अंधेरे में दो घंटे की मशक्कत के बाद फोटो लिए जा सके।
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चार कारण; जिसकी वजह से यह फोटो देखना चाहिए
-200 टनल है पूरी खदान में। 24 घंटे होता है काम।
– 84 लोग एक साथ उतर सकते हैं, इतनी बड़ी लिफ्ट लगी है खदान में।
– 84 लोग एक साथ उतर सकते हैं, इतनी बड़ी लिफ्ट लगी है खदान में।
– 75 साल खनन किया जा सकता है इतना तांबा है खदान में।
– 1962 में ताम्र खदान का काम शुरू हुआ। 1975 में पूर्व पीएम इंदिरा गांधी ने खेतड़ी ताम्र प्रतिष्ठान को देश काे समर्पित किया था।





