इलाहाबाद म्यूज़ियम को मिलेगी डिजिटल इंडिया के तहत सुविधा

इलाहाबाद. केन्द्र सरकार की डिजिटल इंडिया की परिकल्पना के तहत इलाहाबाद संग्रहालय को विश्वस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था देने के मकसद से रेडियो फ्रीक्वेंसी आईडेंटीफिकेशन (आरएफआईडी) तकनीकी सुविधाओं से शीघ्र लैस किया जायेगा जिसमें किसी भी कलाकृतियों के छूने पर अलार्म बज उठेंगे. संग्रहालय के निदेशक सुनील कुमार गुप्ता ने बताया कि इस तकनीक से संग्रहालय में स्थित ऐतिहासिक महत्व की अमूल्य धरोहरों को सुरक्षा प्रदान करने में मदद मिलेगी.
संग्रहालय के 18 गैलरी में करीब 72 हजार कलाकृतियां मौजूद हैं. संग्रहालय का निर्माण वर्ष 1931 में किया गया था. संग्रहालय में घूमने आये दर्शकों द्वारा किसी भी कलाकृति के स्पर्श करते ही अलार्म बजने लगेगा.
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इस पर करीब 15 लाख रूपये का खर्च आयेगा. पहले चरण में संग्रहालय की करीब 10 हजार कलाकृतियों में चुम्बकीय (मैग्नेटिक) चिप का प्रयोग किया जायेगा. यह चिप दर्शकों को दिखायी नहीं पड़ेगी. इसका संचालन रिमोट से किया जायेगा. इसके दायरे में किसी भी आगन्तुक, पर्यटक के प्रवेश करने या कलाकृतियों के स्पर्श करने की स्थिति में सेंसर के जरिये अलार्म बजने लगेगा और अधिकारी तथा कर्मचारी सचेत हो जायेंगे.





